रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ से भद्रक में टला बड़ा रेल हादसा, इंटरलॉक के बीच फंस गया था बोल्डर

मंजुरी रोड स्टेशन पर इंटरलॉक के बीच में एक बोल्डर फंस गया था. यह ट्रेन के पटरी से उतरने के लिए काफी था. अगर ऐसा होता तो तस्वीरें बिल्कुल अलग होतीं.

ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के सदमें से अभी लोग उबर भी नहीं पाये थे कि भद्रक में एक और रेल दुर्घटना होते-होते रह गयी. दरअसल भंडारीपोखरी पुलिस सीमा के तहत मंजुरी रोड स्टेशन पर एक रेलवे कर्मचारी की सूझबूझ और फुर्ती से संभावित ट्रेन दुर्घटना टाल गयी.

इंटरलॉक के बीच फंस गया था बोल्डर

सूत्र के मुताबिक, मंजुरी रोड स्टेशन पर इंटरलॉक के बीच में एक बोल्डर फंस गया था. यह ट्रेन के पटरी से उतरने के लिए काफी था. अगर ऐसा होता तो तस्वीरें बिल्कुल अलग होतीं. हालांकि, रेलवे के एक कर्मचारी ने इसे देख लिया और संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया. कुछ ही देर में बोल्डर हटा दिया गया.

मामले ही हो रही जांच

इस संबंध में स्टेशन प्रबंधन ने आरपीएफ में शिकायत दर्ज करायी है. मामले की जांच की जा रही है और यह पताया लगाया जा रहा है कि आखिर इंटरलॉक के बीच बोल्डर कैसे फंसी.

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ओडिशा के जाजपुर में मालगाड़ी से कटकर छह मजदूरों की मौत

बालासोर रेल हादसे के चार दिन बाद ओडिशा के जाजपुर क्योंझर रोड रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक मालगाड़ी से कटकर कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए

मालगाड़ी के नीचे बैठक कर बारिश से बच रहे थे मजदूर

मजदूरों ने भारी बारिश से बचने के लिए खड़ी हुई मालगाड़ी के नीचे शरण ली थी कि तभी अचानक बिना इंजन के मालगाड़ी चल पड़ी और मजदूरों को उसके नीचे से निकलने का मौका नहीं मिला और मौत हो गई. हादसेमें दो घायल हो गए.

बालासोर रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हुए

गौरतलब है कि ओडिशा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस दो जून को लूप लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे कोरोमंडल एक्सप्रेस के अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए. उसी समय वहां से गुजर रही तेज रफ्तार बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों से टकरा कर पटरी से उतर गए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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