नयी दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की 100वीं जयंती के मौके पर उनके पोते व भाजपा नेता एनवी सुभाष ने आरोप लगाया कि दक्षिण भारतीय होने और गांधी परिवार से नहीं होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने श्रद्धांजलि नहीं दी.
न्यूज एजेन्सी एएनआई के मुताबिक, पीवी नरसिम्हा राव के पोते एनवी सुभाष ने सोमवार को कहा कि ”राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने स्वर्गीय पीवी नरसिंह राव को श्रद्धांजलि नहीं दी, क्योंकि वह दक्षिण भारत से थे और गांधी परिवार से नहीं थे.”
साथ ही उन्होंने कहा है कि ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पत्र भेजा और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की.” अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है कि ”एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हुए किशोर उम्र में स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना एक महान नेता बनने की सबसे पहली अभिव्यक्ति थी.”
साथ ही कहा कि ”साल 1991 में वह ऐसे समय में प्रधानमंत्री बने, जब देश राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से गुजर रहा था. उन्होंने विभिन्न उपायों को लागू कर देश को आर्थिक दलदल से बाहर निकालने में मदद की. एक दूरदर्शी विदेश नीति के वास्तुकार के रूप में उभरे और कई प्रमुख राजनयिक पहल शुरू की.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि ”साहित्य से जुड़े रहे पीवी नरसिम्हा राव एक उत्साही पाठक और विपुल लेखक थे. उनमें आधुनिक शिक्षा को लोकप्रिय बनाने का जुनून था. वह कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में कुशल थे. भारतीय दर्शन और संस्कृति के बारे में उनका गहन ज्ञान अद्वितीय था.”
मालूम हो कि कांग्रेस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि ”हम पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनकी अगुवाई में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़े आर्थिक परिवर्तन हुए और लाइसेंस राज का खत्मा हुआ. राष्ट्र के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा.”
