सरकारी नौकरी के ऑफर को 'हां' कहने से पहले इन बातों का जरूर रखे ध्यान, नहीं तो गंवा सकते हैं लाखों रुपये

अगर आप दिन-रात मेहनत करके, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और एकाएक आपके पास फोन आता है कि आपकी जॉब लग गई है और आपको ज्वॉइन करने के लिए फॉर्म भरना पड़ेगा और कुछ पैसे देने होंगे, तो सावधान हो जाइये, क्योंकि आपके एक क्लिक से आपका खाता खाली हो सकता है.

साइबर फ्रॉड के बारे में हम लोग सब जानते हैं कि ये कितना खतरनाक है. हालांकि इसपर ध्यान नहीं दे पाते और जरा सी लालच देखकर फंस जाते है. ऐसा ही कुछ चेन्नई के एक इंजीनियर एस सूर्यप्रतापन के साथ हुआ. जहां सूर्यप्रतापन ने रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी के लिए 12 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये एक फ्रॉड गेम है. बदमाश ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उन्हें रेलवे में नौकरी मिल गई है. हालांकि पुलिस को जब पूरा मामला पता चला तो उन्होंने सूर्यप्रतापन को फर्जी रेलवे आईडी कार्ड और ड्यूटी पास के साथ पकड़ा.

सूर्यप्रथापन के साथ कैसे हुआ धोखाधड़ी

विल्लीवक्कम निवासी सूर्यप्रथापन की शादी अभी एक साल पहले हुई थी और वह एक साल पहले तक मेट्रोवाटर में संविदा कर्मचारी थे. उसका परिवार उसे स्थायी नौकरी दिलाने के लिए दबाव बना रहा था. 2022 की शुरुआत में, मणिमारन नाम के एक व्यक्ति ने “केंद्रीय मंत्री के कोटे” के माध्यम से रेलवे में सरकारी नौकरी की पेशकश के साथ सूर्यप्रतापन से संपर्क किया. 12 लाख रुपए में डील फाइनल हुई. मणिमारन उन्हें ‘वरिष्ठ रेलवे अधिकारी’ से मिलने के लिए लखनऊ ले गए. सूर्यप्रतापन को एक रेलवे आईडी कार्ड, ज्वाइनिंग लेटर, ड्यूटी पास और एक सर्विस बुक प्रदान की गई.

सूर्यप्रतापन को किया गया था गिरफ्तार

14 अप्रैल को, उनके परिवार को लखनऊ पुलिस से एक फोन कॉल आया, जिसमें कहा गया था कि सूर्यप्रतापन को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है और उनका आईडी कार्ड, ज्वाइनिंग लेटर और दस्तावेज फर्जी हैं. उनकी मां थिलिवानी ने नौकरी के लिए 12 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए अपने गहने गिरवी रख दिए थे. उसके रिश्तेदार आकाश ने टीओआई को बताया, ‘अब हम उसे जमानत पर छुड़ाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं.’ हमारे साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुआ है.

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लाखों लोग होते हैं जॉब फ्रॉड का शिकार

इस साल अक्टूबर तक, 67 लाख से अधिक लोगों ने राज्य रोजगार रजिस्ट्री पर सरकारी नौकरियों के लिए रेजिस्ट्रेशन कराया था. पुलिस ने कहा कि घोटालेबाज इन नौकरी चाहने वालों के लिए मछली पकड़ रहे हैं. चेन्नई पुलिस के जॉब रैकेट विंग के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने 892 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जो जॉब फ्रॉड के शिकार हुए हैं और उन्हें 586 शिकायतें मिली हैं, जिनमें धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. इनमें से 75 प्रतिशत मामलों में सरकारी नौकरी का वादा करने वाले घोटाले शामिल हैं. इन जालसाजों पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस ने ‘ऑपरेशन जॉब स्कैम’ शुरू किया है और 50 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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