Balasore Train Accident: ओडिशा रेल हादसे की CBI जांच के बाद फरार हुआ सिग्नल जेई? घर सील होने का क्या है सच

पीबाईबी फैक्ट चेक ने भी ओडिशा रेल हादसे को लेकर किये जा रहे दावे को फर्जी बताया है. पीआईबी ने ट्वीट कर बताया कि जेई के फरार होने और उसके घर को सील किये जाने वाले दावे में कोई भी सच्चाई नहीं है. दावा फेक है. पीआईबी ने ट्वीट कर बताया कि चल रही जांच में शामिल कोई भी कर्मचारी लापता या फरार नहीं है.

ओडिशा के बालासोर में पिछले दिनों भीषण रेल हादसा हुआ था, जिसमें 292 लोगों की मौत हो गयी. जबकि 1200 से अधिक लोग घायल हुए. हादसे की जांच सीबीआई कर रही है. इस बीच खबर आयी कि जब से सीबीआई हादसे की जांच कर रही है, तब से सिग्नल जेई फरार है. इधर मीडिया में ये भी खबर आयी कि सीबीआई ने जेई के घर को सील कर दिया है. आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई है. क्या वास्तव में जेई फरार है और उसके घर को सील कर दिया गया है. तो आइये इस दावे की सच्चाई जानें.

क्या है दावा

दरअसल मीडिया में खबर आयी कि बालासोर रेल हादसे की सीबीआई जांच के आदेश के फौरन बाद सिग्नल जेई आमिर खान फरार हो गया. खबर तो ये भी आयी कि सीबीआई ने जेई के सरकरी क्वार्टर को सील कर दिया है. इसके अलावा उसके घर को भी सील कर दिया है.

क्या है सच

सिग्नल जेई के फरार होने और उसके घर को सील करने वाले दावे पर रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है. रेलवे ने बताया कि बहनगा स्टेशन का कोई भी कर्मचारी गायब नहीं है. सभी स्टाफ मौजूद हैं और सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए हाजिर भी हो रहे हैं.

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पीआईबी फैक्ट चेक ने भी दावे को बताया फर्जी

इधर पीबाईबी फैक्ट चेक ने भी ओडिशा रेल हादसे को लेकर किये जा रहे दावे को फर्जी बताया है. पीआईबी ने ट्वीट कर बताया कि जेई के फरार होने और उसके घर को सील किये जाने वाले दावे में कोई भी सच्चाई नहीं है. दावा फेक है. पीआईबी ने ट्वीट कर बताया कि चल रही जांच में शामिल कोई भी कर्मचारी लापता या फरार नहीं है.

बालासोर में एक साथ तीन ट्रेनों के बीच हो गयी थी टक्कर

गौरतलब है कि 2 जून को ओडिशा के बालासोर के बहनगा स्टेशन में कोरोमंडल एक्सप्रेस, एसएमवीपी-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी एक साथ दुर्घटना की शिकार हो गईं थीं. हादसे में 292 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 1200 से अधिक लोग घायल हो गये.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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