Assembly Election 2023: त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा चुका है. निर्वाचन आयोग ने प्रेस वार्ता कर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. करीब 2 बजकर 30 मिनट पर चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग के द्वारा किया गया है. बता दें कि त्रिपुरा में 16 फरवरी को एक चरण में मतदान होंगे. वहीं, मेघालय और नागालैंड में एक साथ 27 फरवरी को चुनाव होंगे. तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना 2 मार्च को होंगे.
साथ ही बता दें कि इसके निमित अधिसूचना त्रिपुरा में 21 जनवरी को वहीं मेघालय और नागालैंड में 31 जनवरी को किए किए जाएंगे. वहीं, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख त्रिपुरा में 30 जनवरी और मेघालय-नागालैंड में 7 फरवरी तय की गयी है. साथ ही नामांकन की स्क्रूटिनी त्रिपुरा में 31 जनवरी, वहीं, मेघालय और नागालैंड में 8 फरवरी को की जाएगी.
एक साथ होगी दोनों राज्यों में मतगणनाउम्मीदवार अगर अपना नामांकन वापस लेना चाहते है तो उसके लिए आखिरी तारीख 2 फरवरी त्रिपुरा में, वहीं मेघालय और नागालैंड में 10 फरवरी तय की गयी है. इसी तरह त्रिपुरा में मतदान की तारीख 16 फरवरी तय की गयी है. बात अगर मेघालय और नागालैंड की करें तो 27 फरवरी को मतदान होना है. हालांकि, तीनों राज्यों में मतदान भले ही अलग-अलग हो लेकिन मतगणना एक साथ 2 मार्च को होने है.
Also Read: त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में किसकी है सरकार? 2018 चुनाव में ऐसा रहा था पार्टियों का प्रदर्शन राज्यों में अभी किसकी सरकार?मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इस दौरान मीडिया को संबोधित किया. बता दें इस समय त्रिपुरा में भाजपा की सरकार, मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी और वहीं नागालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की सरकार मौजूद हैं. तीनों राज्यों में महिला वोटर की संख्या बढ़ी है.
2023 में चुनावी मौसम की हुई शुरुआतमुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इस दौरान कहा. “त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में 16 फरवरी को और नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को होगा. परिणाम दो मार्च को घोषित किए जाएंगे.” पूर्वोत्तर राज्यों नागालैंड. मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों की बुधवार को घोषणा की गई. इस प्रकार 2023 में चुनावी मौसम की शुरुआत हुई. सीईसी ने कहा कि नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा के चुनावी राज्यों की शर्तें क्रमशः 12, 15 और 22 मार्च को समाप्त हो रही हैं. तीनों राज्यों में प्रत्येक में 60 विधानसभा क्षेत्र हैं.”
