Delhi Police : भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान से जुड़े कई प्रोपेगैंडा हैंडल दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर पूरी तरह भ्रामक और झूठी जानकारी फैला रहे हैं. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन हैंडल्स में दावा किया जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारतीय सेना को नई दिल्ली में तैनात किया गया है. सैनिकों ने हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई लोगों की मौत और घायल होने की घटनाएं हुईं. सेना ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया है.
कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और CAPF के पास
भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा कि नई दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों से निपटने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली अन्य एजेंसियों के पास है. इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान शामिल हैं. सेना ने साफ कहा कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने या भीड़ प्रबंधन के लिए भारतीय सेना की कोई तैनाती नहीं की गई है.
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
भारतीय सेना ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे फेक वीडियो, तस्वीरों और भ्रामक पोस्ट पर भरोसा न करें. किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है. सेना ने कहा कि फर्जी सूचनाएं समाज में भ्रम और तनाव पैदा करने का कोशिश की जा रही है.
दुष्प्रचार के खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत
भारत से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया से मई 2025 कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान, पाकिस्तान-लिंक्ड हैंडल्स ने भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर फर्जी वीडियो और एआई-जनरेटेड डीपफेक चलाए गए. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फर्जी दावे देश की छवि खराब करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश का हिस्सा होते हैं. भारतीय सेना के ताजा स्पष्टीकरण ने एक बार फिर साफ कर दिया है. दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल नागरिक सुरक्षा एजेंसियों के पास है और सेना की तैनाती संबंधी दावे पूरी तरह झूठे हैं.
