क्या लोकतंत्र से राजशाही की ओर जा रहे हम? सेंगोल विवाद पर भूपेश बघेल ने साधा निशाना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, नेहरू की अब तक आलोचना करने वाले आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं… लेकिन जब नेहरू को सेनगोल मिला तो अंग्रेज भारत छोड़ रहे थे और सत्ता का हस्तांतरण हो रहा था लेकिन आज सत्ता का कैसा हस्तांतरण हुआ?…क्या हम जा रहे हैं? लोकतंत्र से राजशाही?

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी आत्मानंद सरस्वती के पैतृक गांव अमौली ब्लाक के बुढ़ंदा पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए जमकर सेंगोल और नए पार्लियामेंट के उद्घाटन के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा, नेहरू की अब तक आलोचना करने वाले आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं… लेकिन जब नेहरू को सेनगोल मिला तो अंग्रेज भारत छोड़ रहे थे और सत्ता का हस्तांतरण हो रहा था लेकिन आज सत्ता का कैसा हस्तांतरण हुआ?…क्या हम जा रहे हैं? लोकतंत्र से राजशाही?


विपक्ष की मांग न मानना मोदी की हठधर्मिता- बघेल 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगे कहा कि संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराया जाना चाहिए था. विपक्ष की मांग न मानना मोदी की हठधर्मिता है. उन्होंने कहा कि सांसद ब्रजभूषण शरण के खिलाफ कार्रवाई न होने से खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो रहा है. कहाकि भगवान राम का ननिहाल, वनवास छत्तीसगढ़ में है. दक्षिण कौशल में 2200 किमी लंबा राम वन गमन परिपथ का निर्माण हम करा रहे हैं.

योगी ने गाय को वोट का साधन बना दिया-बघेल 

उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जब भाजपा की सरकार थी तो खूब गोशालाएं खुलीं और सरकारी अनुदान भी दिया गया. गाय दुबली होती गई गोशाला चलाने वाले मोटे हो गए थे. गाय के गोबर से बिजली उत्पादन हमने शुरू कराया. गोबर से पेंट, कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है. योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहाकि गाय को वोट का साधन बना दिया गया.

नीतीश कुमार की विपक्षी एकता की मुहिम रंग लाएगी- बघेल 

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि, कहा कि 2024 के लोक सभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास का रंग लाएगा. विपक्ष की एकजुटता से जनता का भरोसा बढ़ेगा और भाजपा कमजोर होगी.

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By Abhishek anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.
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