Andhra Pradesh Quarry Accident: ग्रेनाइट खदान में हादसा, ड्रिलिंग के दौरान चट्टान गिरने से ओडिशा के 6 मजदूरों की मौत

Andhra Pradesh Quarry Accident: आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में रविवार को एक ग्रेनाइट की खदान में भारी चट्टान के गिरने से ओडिशा के 6 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. हादसे 8 अन्य घायल हो गए. पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब साढ़े 10 बजे उस समय हुआ जब 10 से 15 मजदूर खदान में काम कर रहे थे.

Andhra Pradesh Quarry Accident: आंध्र प्रदेश खदान दुर्घटना में 6 लोगों की मौत पर, बापटला जिला कलेक्टर जे वेंकट मुरली ने कहा, “सीएम एन चंद्रबाबू नायडू के निर्देशानुसार, खदान प्रबंधन के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. पुलिस और संबंधित विभागों की मदद से एक व्यापक जांच की जाएगी. ये सभी ओडिशा राज्य के प्रवासी श्रमिक थे. 8 घायल श्रमिकों का नरसारावपेट के जीबीआर अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनमें से एक गंभीर रूप से घायल है.”

मुआवजे की घोषणा, मृतकों के परिजन को मिलेंगे 14 लाख रुपये

खदान हादसे में मुआवजे की घोषणा की गई है. कलेक्टर जे वेंकट मुरली ने बताया, “प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को मुआवजे के रूप में 14 लाख रुपये मिलेंगे, जो खदान प्रबंधन द्वारा प्रदान किए जाएंगे. सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि घायल श्रमिकों के सभी चिकित्सा खर्च उनके पूरी तरह ठीक होने तक वहन किए जाएंगे.”

खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर ने क्या बताया?

हादसे के समय खदान में काम कर रहे एक मजदूर राघव ने बताया, “मैं ओडिशा से हूं और हम खदान में काम कर रहे थे. रविवार सुबह लगभग 9.30 बजे, ड्रिलिंग के दौरान, ऊपर से चट्टान गिर गई और एक दुर्घटना हुई, जिसमें लोग घायल हो गए. वहां 16 लोग काम कर रहे थे… कलेक्टर ने हमसे मुलाकात की और घायलों से बात की और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया.”

हादसे पर ओडिशा के सीएम ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आंध्र प्रदेश में हुए हादसे में गंजाम जिले के दंड बड़त्या (पिता – अभिमन्यु बड़त्या), बनमाल चेहरा (पिता – भगवान चेहरा), भास्कर बिसोई (पिता – मगत बिसोई), संतोष गौड़ (पिता- पूज्य गौड़) और गजपति जिले के ताकुमा दलाई (पिता – कार्तिक दलाई), मूसा जान (पिता – नर्सू जान) की मौत पर शोक व्यक्त किया है.’’

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >