Agriculture: खरीफ फसल की मौजूदा स्थिति और रबी की बुवाई को लेकर उच्च-स्तरीय बैठक में हुआ मंथन

खरीफ फसलों के तहत कुल क्षेत्रफल कवरेज पिछले वर्ष की तुलना में 6.51 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. कुल बुवाई क्षेत्र 1121.46 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल यह 1114.95 लाख हेक्टेयर था. गेहूं, धान, मक्का, गन्ना और दलहन की बुवाई भी वर्ष 2024-25 की तुलना में अधिक हुई है.

Agriculture: देश में खरीफ फसल की स्थिति, रबी फसल की बुवाई, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति, खाद्य पदार्थ की कीमतों, उर्वरक उपलब्धता, जलाशयों की स्थिति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की. बैठक में अधिकारियों ने खरीफ की बुवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ फसलों के तहत कुल क्षेत्रफल कवरेज पिछले वर्ष की तुलना में 6.51 लाख हेक्टेयर अधिक है. कुल बुवाई क्षेत्र 1121.46 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल यह 1114.95 लाख हेक्टेयर था. गेहूं, धान, मक्का, गन्ना और दलहन की बुवाई भी वर्ष 2024-25 की तुलना में अधिक हुई है. 


बैठक में उड़द बुवाई क्षेत्रफल में वृद्धि की भी जानकारी देते हुए बताया गया कि उड़द के क्षेत्रफल में 1.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है. वर्ष 2024-25 में उड़द का बुवाई क्षेत्रफल 22.87 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24.37 लाख हेक्टेयर हो गया है. बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेती को हुए नुकसान की जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और अधिक बारिश के कारण कुछ प्रदेशों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है. हालांकि अन्य प्रदेशों में अच्छे मानसून के कारण फसल अच्छी होगी. इसके कारण रबी बुवाई और उत्पादन में वृद्धि होने की संभावना है. 

उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दिया निर्देश


बैठक में टमाटर और प्याज की बुवाई की समीक्षा की गयी. वर्ष 2024-25 की तुलना में प्याज का बुवाई क्षेत्रफल 3.62 लाख हेक्टेयर से बढ़कर मौजूदा सीजन में 3.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, वहीं आलू का क्षेत्रफल 0.35 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.43 लाख हेक्टेयर हो गया है. टमाटर का बुवाई क्षेत्रफल पिछले वर्ष समान अवधि में 1.86 लाख हेक्टेयर था, जो इस वर्ष बढ़कर 2.37 लाख हेक्टेयर हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि आलू, प्याज, टमाटर में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अच्छी वृद्धि हुई है. साथ ही चावल और गेहूं के वास्तविक स्टॉक बफर मानक के मुकाबले अधिक है.


 केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को अधिकारियों ने देश में जलाशयों की स्थिति से भी अवगत कराते हुए कहा कि पूरे देश में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कुल संग्रहण स्थिति बेहतर है. देश के 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के संग्रहण का 103.51 फीसदी और पिछले दस वर्षों के औसत संग्रहण का 115 फीसदी है. केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को उर्वरक उपलब्धता की मौजूदा स्थिति के साथ आगामी दिनों में सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए. अधिकारियों को उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक मंत्रालय से लगातार संपर्क में बने रहने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया ताकि किसानों को उर्वरक की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. 

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By Anjani kumar singh

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