Agriculture: कृषि क्षेत्र में काम करने वाली स्टार्टअप को अब एग्रीस्योर फंड से मिलेगी सहायता

कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप और ग्रामीण उद्योगों फंड मुहैया कराने के लिए एग्रीस्याेर फंड की शुरुआत की गयी है. इस फंड का उपयोग तकनीकी सहित व्यापक असर डालने वाले स्टार्टअप को बढ़ावा देना है.

Agriculture: कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने के लिए सरकार की ओर से कोशिश जारी है. कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप और ग्रामीण उद्योगों को फंड मुहैया कराने के लिए एग्रीस्याेर फंड की शुरुआत की गयी है. इस फंड का मकसद तकनीकी समाधान वाले स्टार्टअप को बढ़ावा देना है, ताकि कृषि क्षेत्र में इनोवेशन को गति दिया जा सके साथ ही  ग्रामीण स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास हो सके. इस फंड के लिए 750 करोड़ रुपये का आवंटन किया किया है. जिसमें भारत सरकार 250 करोड़ रुपये, नाबार्ड 250 करोड़,  250 करोड़ रुपये बैंक, बीमा और निजी निवेशकों से जुटाया जायेगा. मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस फंड की शुरुआत की. इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव की संभावना को बल मिलेगा. सरकार का मकसद देश के सभी किसानों को तकनीकी मदद मुहैया कराना है. किसानों की समृद्धि से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आय बढ़ने से किसान अधिक खर्च करेंगे. 

कृषि क्षेत्र में नये प्रयोग करने वाले स्टार्टअप को दिया गया अवार्ड


किसानों की चुनौतियों का नये तरीके से समाधान करने वाले स्टार्टअप को एग्रीस्याेर ग्रीनाथोन अवार्ड दिया गया. ग्रीनथोन को मुंबई में 12 जुलाई 2024 को लांच किया गया है और इससे पहले 10 स्टार्टअप का चयन किया गया. इस अवार्ड के लिए 2 हजार एग्री स्टार्टअप शामिल हुए थे और 500 प्रोटोटाइप की स्क्रीनिंग के बाद 10 स्टार्टअप का चयन किया गया. इसमें शीर्ष तीन स्टार्टअप है ग्रीनसैपियो, कृषिक्रांति और एंब्रोनिक्स. इसके लिए 6 लाख रुपये पुरस्कार राशि प्रदान की गयी और आने वाले समय में स्टार्टअप को हर तरह की मदद मुहैया कराने में सरकार मदद करेगी. 

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Published by: Anjani kumar singh

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