Taliban Minister Visit: 'अफगानिस्तान भारत का करीबी दोस्त, हम अपनी जमीन… ' तालिबानी विदेश मंत्री ने की एस जयशंकर से मुलाकात

Taliban Minister Visit: भारत दौरे पर आए तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान मुत्ताकी ने भरोसा जताया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होगा. मुलाकात के दौरान भारत ने सद्भावना के तौर पर अफगानिस्तान को 20 एम्बुलेंस उपहार में दीं. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने प्रतीकात्मक कदम के तौर पर 20 एम्बुलेंस में से 5 व्यक्तिगत रूप से अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी को सौंपी.

Taliban Minister Visit: तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की. 2021 में शासन में आने के बाद भारत और तालिबानी शासन के बीच पहली राजनयिक बातचीत है. मुलाकात के दौरान मुत्ताकी ने साफ किया कि उनका देश भारत को अपना करीबी दोस्त मानता है. उन्होंने भारत को आश्वस्त करते हुए कहा कि अफगानिस्तान किसी भी समूह को किसी अन्य देश के खिलाफ अपने क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति कभी नहीं देगा. बातचीत के दौरान भारत ने भी काबुल स्थित अपने तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की और अफगानिस्तान में अपने विकास कार्यों को फिर से शुरू करने की बात कही.

भारत ने तालिबानी शासन की सराहना की

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की सुरक्षा चिंताओं पर तालिबान के रुख की सराहना भी की. तालिबान के विदेश मंत्री छह दिन की यात्रा पर गुरुवार को नयी दिल्ली पहुंचे है. शुक्रवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात की. अगस्त 2021 में तालिबान की ओर से सत्ता हथियाने के बाद भारत ने काबुल स्थित अपने दूतावास से अधिकारियों को वापस बुला लिया था. इसके बाद जून 2022 में भारत ने एक तकनीकी टीम तैनात करके अफगानिस्तान की राजधानी में अपनी राजनयिक गठजोड़ को जारी रखा था.

आतंकवाद दोनों देश के लिए खतरा- जयशंकर

बैठक के दौरान जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद को दोनों देशों के लिए साझा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान को आतंकवाद से निपटने के लिए एक साथ मिलकर प्रयास करने होंगे. इसी कड़ी में मुत्ताकी ने भी भारत को भरोसा दिया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं के लिए नहीं होगा. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही भारत इस बात पर जोर दे रहा है कि अफगान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ आतंकी गतिविधि के लिए नहीं होना चाहिए.

भारत ने सबसे पहले मदद की- मुत्तकी

अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने बैठक के दौरान कहा “हम अपने व्यापार को मजबूत करने के लिए हवाई गलियारे को मजबूत करने पर सहमत हुए. उन्होंने यह भी कहा “अफगानिस्तान में हाल ही में आए भूकंप में भारत ने सबसे पहले मदद की थी. अफगानिस्तान भारत को अपना घनिष्ठ मित्र मानता है. हम आपसी सम्मान, व्यापार और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित संबंध चाहते हैं. हम अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक परामर्श तंत्र बनाने के लिए तैयार हैं.”

भारत ने भेंट की 20 एम्बुलेंस

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में मुत्तकी से कहा कि आपकी यात्रा हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अहम है. भारत और अफगानिस्तान के बीच स्थायी मित्रता के लिए यह दौरा काफी खास है. उन्होंने कहा ‘एक निकटवर्ती पड़ोसी और अफगानिस्तान के लोगों के शुभचिंतक के रूप में, भारत आपके विकास और प्रगति में गहरी रुचि रखता है.’ मुलाकात के दौरान भारत ने सद्भावना के तौर पर अफगानिस्तान को 20 एम्बुलेंस उपहार में दीं. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने प्रतीकात्मक कदम के तौर पर 20 एम्बुलेंस में से 5 व्यक्तिगत रूप से अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी को सौंपी.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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