अदाणी विवाद पर मनीष तिवारी ने जयंत सिन्हा को लिखा पत्र, वित्त संसदीय समिति से जांच की मांग की

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जयंत सिन्हा को लिखे अपने पत्र में सुझाव दिया है कि समिति को सेबी और आरबीआई, एलआईसी, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और अन्य नियामक निकायों के अधिकारियों को बुलाना चाहिए. यह पता लगाना चाहिए कि क्या अदाणी मुद्दे पर उनकी ओर से कोई विफलता हुई थी या नहीं.

कांग्रेस सांसद और वित्त पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य, मनीष तिवारी ने समिति के अध्यक्ष जयंत सिन्हा को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की तुरंत जांच करने का सुझाव दिया है.

तिवारी ने अदाणी मामले में पूछताछ के लिए अधिकारियों को तलब करने का दिया सुझाव

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जयंत सिन्हा को लिखे अपने पत्र में सुझाव दिया है कि समिति को सेबी और आरबीआई, एलआईसी, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और अन्य नियामक निकायों के अधिकारियों को बुलाना चाहिए. यह पता लगाना चाहिए कि क्या अदाणी मुद्दे पर उनकी ओर से कोई विफलता हुई थी या नहीं.

मनीष तिवारी ने जतायी हैरानी

मनीष तिवारी ने हैरानी जताते हुए अपने पत्र में लिखा, हमें यह आश्चर्य की बात लगती है कि यह समिति हाल ही में एसवीबी बैंक द्वारा संचालित सुनवाई के लिए तैयार है. उक्त बैंक कैलिफोर्निया में स्थित है और हमारे देश के नियामक तंत्र पर इसका बहुत कम या कोई प्रभाव नहीं है. फिर भी समिति अदाणी मामले पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है. जिसने हमारे अपने पूंजी बाजार में निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है.

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क्या है अदाणी मामला, क्यों सरकार पर कांग्रेस लगा रही गंभीर आरोप

दरअसल 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह के लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी. जिसमें अदाणी समूह पर धोखाधड़ी और शेयर की कीमतों में हेरा-फेरी सहित कई गंभीर आरोप लगाये गये. इस आरोप के बाद अदाणी समूह की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गयी. इस घटना के बाद अदाणी दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति की सूची से फिसलकर सीधे 30वें नंबर पर पहुंच गये. रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस बीजेपी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी के बीच दोस्ती के भी आरोप लगाये हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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