Kunal Singh: अभिनेता कुणाल सिंह को मिला पंडित शर्मा नंद देहाती लोक सम्मान-2025, भोजपुरी सिनेमा में विशिष्ट योगदान के लिए पुरस्कार

Kunal Singh: अभिनेता कुणाल सिंह को प्रतिष्ठित पंडित शर्मा नंद देहाती लोक सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान गंगा महासभा के सचिव जितेन्द्रानंद सरस्वती ने उन्हें प्रदान किया.  कुणाल सिंह ने भोजपुरी सिनेमा के माध्यम से न केवल भोजपुरिया संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई बल्कि लाखों भोजपुरी भाषियों के गर्व और सम्मान का प्रतीक बनकर लोकभाषा की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.

Kunal Singh: 24 अक्टूबर 2025 को आयोजित भव्य सदानीरा महोत्सव में भोजपुरी सिनेमा के प्रख्यात अभिनेता कुणाल सिंह को लोकभाषा भोजपुरी के अभिनय क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘पंडित शर्मानंद देहाती लोक सम्मान-2025’ से अलंकृत किया गया है. यह सम्मान गंगा महासभा के सचिव पूज्यनीय जितेन्द्रानंद सरस्वती जी के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया. पंडित शर्मानंद देहाती, जिनका जन्म चंपारण के भरवलिया गांव में हुआ था, एक प्रसिद्ध रामकथा वाचक और लोकगायक थे. उन्होंने ग्रामीण समाज के सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास के लिए आजीवन कार्य किया. उनका स्पष्ट मत था कि “शिक्षा ही हर विकास का मूलाधार है.” 27 अप्रैल 2021 को उन्होंने देह त्यागकर परमधाम की यात्रा की. उनकी स्मृति और लोकसंस्कृति की विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में ‘पंडित शर्मानंद देहाती लोक सम्मान’ की शुरुआत की गई, जिसे प्रतिवर्ष लोकभाषा, लोककला या लोकसाहित्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व को दिया जाता है.

भोजपुरिया संस्कृति को दिलाई वैश्विक पहचान

इस श्रृंखला में वर्ष 2023 में भोजपुरी लोक गायन के पुरोधा भरत शर्मा व्यास और वर्ष 2024 में भोजपुरी लोक भाषा के इनसाइक्लोपीडिया कहे जाने वाले प्रख्यात साहित्यकार डॉ. ब्रजभूषण मिश्र को यह सम्मान दिया गया. इस वर्ष चयन समिति ने सर्वसम्मति से अभिनेता कुणाल सिंह को इसके लिए चयनित किया. भोजपुरी सिनेमा के माध्यम से उन्होंने न केवल भोजपुरिया संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई बल्कि लाखों भोजपुरी भाषियों के गर्व और सम्मान का प्रतीक बनकर लोकभाषा की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.

भोजपुरी की समग्र सांस्कृतिक चेतना का सम्मान- जलज कुमार

कार्यक्रम के दौरान सदानीरा महोत्सव के महासचिव एवं पंडित शर्मानंद देहाती जी के पुत्र युवा साहित्यकार जलज कुमार अनुपम ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लोकभाषा भोजपुरी की समग्र सांस्कृतिक चेतना का सम्मान है. कुणाल सिंह जी ने अपना जीवन भोजपुरी सिनेमा को समर्पित कर दिया है. उनकी निष्ठा, प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक सरोकार प्रेरणास्रोत हैं. हमें गर्व है कि इस वर्ष यह सम्मान एक ऐसे व्यक्तित्व को मिला जो भोजपुरिया अस्मिता के शिखर हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि “हम अपने गांव में पंडित शर्मानंद देहाती जन पुस्तकालय शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि गांव के युवाओं में ज्ञान एवं संस्कृति के प्रति रुचि बढ़े. यह पुस्तकालय लोकजागरण का केंद्र बनेगा और शीघ्र ही इसे शुरू किया जाएगा.” इस अवसर पर उपस्थित कला, साहित्य और संस्कृति जगत के अनेक गणमान्य अतिथियों ने अभिनेता कुणाल सिंह को सम्मान प्राप्ति पर हृदय से बधाई दी और पंडित शर्मानंद देहाती की लोकसेवा और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया.

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Author: Pritish Sahay

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