अभिजीत दीपके ने यह व्यंग्यात्मक इस्तीफा तब शेयर किया जब उनके साथ मध्यप्रदेश के बालाघाट में कुछ लोगों के साथ तीखी बहस हुई. दरअसल अभिजीत दीपके वहां बैगा आदिवासी बच्चों के माता-पिता से मिलने गए थे, जिनकी मौत एक इंफेक्शन से हुई थी. दीपके ने एक्स पर जो लेटर शेयर किया है उसमें लिखा है कि मैं तत्काल प्रभाव से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश के लोगों की सेवा करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देता हूं.मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने मुझे जो मौका दिया, उसके कार्य करने में मैं पूरी तरह फेल रहा है. अभिजीत दीपके ने अपने इस्तीफे को मुख्यमंत्री के आधिकारिक पत्र जैसा स्वरूप दिया है, जिसकी वजह से वह असली पत्र जैसा लग रहा था.
मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके साथियों पर तंज कसा
इस व्यंग्यात्मक पत्र में अभिजीत दीपके ने मध्यप्रदेश सरकार की नाकामियों का जिक्र किया है. जिसमें सागर शराब त्रासदी और बालाघाट में इंफेक्शन से हुई मौतों के साथ-साथ अन्य दूसरे मुद्दों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके साथियों पर तंज कसा है. अभिजीत दीपके के पोस्ट को रि-पोस्ट करते हुए CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लिखा है कि वे अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं.
राष्ट्रीय प्रतीक का प्रयोग कर ट्रोल हो रहे हैं अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने अपने व्यंग्यात्मक पोस्ट में जो लेटर शेयर किया है उसमें राष्ट्रीय प्रतीक का प्रयोग किया गया है. इस वजह से उन्हें सोशल मीडिया में ट्रोल किया जा रहा है. कई लोगों ने अभिजीत दीपके पर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करने का आरोप लगाया है, वहीं कई लोग यह आरोप भी लगा रहे हैं कि दीपके इस तरह से राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग कैसे कर सकते हैं और मुख्यमंत्री होने का दिखावा कैसे कर सकते हैं? उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? यदि कोई पुलिस अधिकारी का रूप धारण करता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है तो फिर मुख्यमंत्री होने का दिखावा करने वाले मुख्यमंत्री होने का ढोंग करने वाले दीपके के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती?
बालाघाट में दीपके के साथ हुई बहस
अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट के अडोरी, कोरका और बोंडारी गांवों में बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने गए, जिनकी मौत इंफेक्शन वाली बीमारियों से हो गई थी. वे वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी जमा कर रहे थे. एक वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर ने अभिजीत दीपके से पूछा कि क्या वह वहां लाशों पर पॉलिटिक्स करने आए हैं. अगर उन्हें इतनी ही चिंता थी तो इतनी देर से क्यों आएं हैं. महिला यह भी कहती है कि यहां एक अच्छी सड़क बनी है. क्या आपको यह दिखाई नहीं दे रही है? जैसे ही मामला बढ़ा, दीपके के साथ आए CJP कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बिठाया और वहां से ले गए. जिसके बाद महिला को यह कहते हुए सुना गया-वह भाग गया, वह भाग गया.मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में इस इलाके में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था.
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