AAP का दावा, खूंखार अपराधियों के साथ तिहाड़ में रखे गये मनीष सिसोदिया, हत्या की आशंका

जेल अधिकारी ने कहा, मनीष सिसोदिया को उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पृथक वार्ड सौंपा गया है. CJ-1 के जिस वार्ड में वह बंद है, वहां कम से कम ऐसे कैदी हैं जो गैंगस्टर नहीं हैं और जेल के अंदर अच्छा आचरण कर रहे हैं. उनकी सुरक्षा के लिए जेल नियमों के मुताबिक सभी इंतजाम किए गए हैं.

आबकारी घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सुरक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी ने आशंका जतायी है. आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, सोसिदियों को खूंखार अपराधियों के साथ रखा गया है, जहां उनकी हत्या भी करायी जा सकती है. इधर इस आरोप को तिहाड़ जेल प्रशासन ने नकार दिया है.

मनीष सिसोदिया को उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पृथक वार्ड सौंपा गया है

जेल अधिकारी ने कहा, मनीष सिसोदिया को उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पृथक वार्ड सौंपा गया है. CJ-1 के जिस वार्ड में वह बंद है, वहां कम से कम ऐसे कैदी हैं जो गैंगस्टर नहीं हैं और जेल के अंदर अच्छा आचरण कर रहे हैं. उनकी सुरक्षा के लिए जेल नियमों के मुताबिक सभी इंतजाम किए गए हैं. उसके वॉर्ड को बारे में लगाई गई कोई भी आशंका निराधार है.

आप ने बीजेपी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बोला हमला

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, मनीष सिसोदियों को जेल के विपश्यना प्रकोष्ठ में रखने का अनुरोध किया गया था जिसकी मंजूरी अदालत ने दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जेल संख्या एक में अन्य अपराधियों के साथ रखा जा रहा है. केंद्र को इसका जवाब देना चाहिए. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री सिसोदिया आबकारी घोटाले में आरोपी हैं और उन्हें तिहाड़ जेल में वरिष्ठ नागरिकों की कोठरी में रखा गया है.

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अन्य कैदियों की तरह सिसोदिया को भी मूलभूत चीजें चीजें दी गयी: तिहाड़ जेल प्रशासन

दिल्ली के आबकारी घोटाले के आरोपी पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को तिहाड़ जेल में वरिष्ठ नागरिकों वाली कोठरी में रखा गया है और जेल नियमावली के अनुसार अन्य कैदी की भांति उन्हें मूलभूत चीजें दी जा रही हैं एवं खाना दिया जा रहा है. सिसोदिया को सोमवार को इस जेल में लाया गया था. उससे कुछ ही देर पहले सीबीआई की एक अदालत ने उन्हें इस मामले में 14 दिनों के लिए 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

अपने साथ भगवद्गीता की एक प्रति लेकर जेल पहुंचे सिसोदिया

सिसोदिया अपने साथ भगवद्गीता की एक प्रति लेकर आये हैं. एक अधिकारी ने बताया कि जेल नियमावली के अनुसार उन्हें कंबल, साबुन, टूथपेस्ट, ब्रश आदि दिये गये तथा खाने में उन्हें चावल, रोटी, दाल एवं अन्य चीजें दी गयीं. गौरतलब है कि अदालत ने सिसोदिया को अपने साथ भगवद्गीता, चश्मे और दवाइयां जेल में ले जाने की अनुमति दी है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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