अब दिल्‍ली के बाहर भी चलेगी दिल्‍ली मेट्रो, चौथे चरण को केजरीवाल सरकार की मंजूरी

नयी दिल्‍ली : दिल्‍ली मेट्रो अब दिल्‍ली के बाहर भी अपनी सेवाएं देगा. दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्‍ली मेट्रो के चौथे चरण को मंजूरी दे दी है. इसमें जो भी खर्च आयेगा उसका आधा केंद्र सरकार वहन करेगी. राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाकों में मेट्रो सेवाओं के विस्तार तथा हवाई अड्डे तक पहुंच […]

नयी दिल्‍ली : दिल्‍ली मेट्रो अब दिल्‍ली के बाहर भी अपनी सेवाएं देगा. दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्‍ली मेट्रो के चौथे चरण को मंजूरी दे दी है. इसमें जो भी खर्च आयेगा उसका आधा केंद्र सरकार वहन करेगी. राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाकों में मेट्रो सेवाओं के विस्तार तथा हवाई अड्डे तक पहुंच को और आसान बनाने के लिए छह गलियारे वाले चौथे चरण को दिल्ली सरकार ने मंजूरी दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि इस फैसले से भीड़-भाड़ और प्रदूषण कम करने में खासी मदद मिलेगी.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस परियोजना पर 50,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा जिसमें राज्य एवं केंद्र आधा आधा खर्च वहन करेंगे. इस परियोजना में 72 स्टेशन बनाये जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘अगला अनुमोदन केंद्र सरकार से दिया जाना है. वह मिल जाने के बाद काम शुरू होगा. परियोजना निर्माण कार्य शुरू होने के छह साल बार चालू होगा.’

कहां-कहां चलेगी दिल्‍ली मेट्रो

नयी लाइनों के प्रस्तावित गलियारों में रिठाना-नरेला (21.73 किलोमीटर), इंदरलोक-इंद्रप्रस्थ (12.58 किलोमीटर), तुगलकाबाद-एयरोसिटी (20.20 किलोमीटर), लाजपत नगर-साकेत जी ब्लाक (7.96 किलोमीटर), जनकपुरी (पश्चिम)-आर के आश्रम (28.92 किलोमीटर) और मुकुंदपुर-मौजपुर (12.54 किलोमीटर) शामिल हैं.

एक सौ तीन किलोमीटर लंबे चौथे चरण के पूरा हो जाने के बाद यहां मेट्रो गलियारे की कुल लंबाई 450 किलोमीटर को पार कर जाएगी. इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को जून, 2016 में मंजूरी मिली थी.

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