Madras High Court : तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा

Madras High Court : मद्रास हाई कोर्ट के Madurai Bench ने 2020 के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला सुनाया है. पिता-पुत्र जयराज और बेन्निक्स की मौत के मामले में कोर्ट ने क्या कहा पढ़ें नीचे.

Madras High Court : Madurai Bench ने सोमवार (6 अप्रैल) को 2020 सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए 9 तमिलनाडु पुलिसकर्मियों को मौत की सजा दी. कोर्ट ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मामला बताया. कोर्ट ने कहा कि इसमें पावर का गलत इस्तेमाल हुआ.

जज जी. मुथुकुमारन ने करीब 6 साल चली सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए सभी 9 आरोपियों को दोषी करार दिया. कोर्ट ने माना कि व्यापारी पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेन्निक्स की मौत, हत्या और अपराध का मामला है. Central Bureau of Investigation (CBI) की दलील भी मानी गई कि हिरासत में टॉर्चर पहले से प्लान था. इसलिए आरोपियों को सख्त सजा दी गई.

दोषी ठहराए गए लोगों में ये शामिल हैं

दोषी ठहराए गए लोगों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कांस्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई, कांस्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं. दसवें आरोपी (स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई) की मुकदमे के दौरान COVID-19 से मृत्यु हो गई थी.

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क्या है पूरा मामला, जानें

2020 में इस मामले ने पूरे देश में गुस्सा भड़का दिया था. जयराज और उनके बेटे बेन्निक्स को 19 जून को लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखने के आरोप में उठाया गया था. जांच में सामने आया कि सथानकुलम थाने में उनके साथ घंटों तक बेरहमी से मारपीट की गई. उन्हें गंभीर चोटें आईं, शरीर पर गहरे जख्म थे और काफी खून बहा. इसी टॉर्चर की वजह से दोनों की हालत बिगड़ती गई और उनकी मौत हो गई.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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