नयी दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि साइबर अपराध के साथ-साथ साइबर आतंकवाद समाज के लिए सबसे बडे खतरों में से एक है. उनसे मिलने आए 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि साइबर अपराध चुनौती बन गया है और वर्तमान में पुलिस इससे रोजाना निपट रही है.
गृहमंत्री ने कहा, साइबर आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा
नयी दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि साइबर अपराध के साथ-साथ साइबर आतंकवाद समाज के लिए सबसे बडे खतरों में से एक है. उनसे मिलने आए 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि साइबर अपराध चुनौती बन गया है और वर्तमान […]

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में साइबर अपराधों में तेजी आयी है. साइबर अपराध के साथ साइबर आतंकवाद भी बडा खतरा है. साइबर दुनिया के अपराध बहुस्तरीय, बहुस्थानिक, बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और विभिन्न कानूनी पचडों वाले हो सकते हैं, ऐसे में उनकी जांच करना तथा अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल है.’ गृहमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें शुरुआत से ही उदारता, ईमानदारी तथा दया के साथ अपनी साख बनानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए उत्साह से काम करना चाहिए.सिंह ने उन्हें नई तकनीक और सोशल मीडिया तथा मोबाइल तकनीक का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों तथा लोगों के बीच की दूरियां कम होंगी. इस अवसर पर हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक और गृहमंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.