पणजी : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) लागू होने से 95 प्रतिशत सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों को लाभ मिला है तथा शेष पांच प्रतिशत लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं का अगले दो माह में समाधान कर दिया जाएगा. रक्षा मंत्री की यह टिप्प्णी ऐसे समय में आयी है जबकि कथित रुप से ओआरओपी मुद्दे को लेकर एक पूर्व सैन्यकर्मी की आत्महत्या पर विवाद छिड गया है तथा भाजपा एवं कांगे्रस सहित विपक्षी दलों के बीच वाक्युद्ध चल रहा है.
ओआरओपी को लेकर केवल पांच प्रतिशत पूर्व सैन्यकर्मियों को ही आ रही है दिक्क्त : पर्रिकर
पणजी : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) लागू होने से 95 प्रतिशत सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों को लाभ मिला है तथा शेष पांच प्रतिशत लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं का अगले दो माह में समाधान कर दिया जाएगा. रक्षा मंत्री की यह टिप्प्णी ऐसे समय में आयी है […]

पर्रिकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक रैंक एक पेंशन लागू होने के बाद 95 प्रतिशत से अधिक लोग (पूर्व सैन्यकर्मी) इस (बढी) पेंशन से लाभ पा रहे हैं. केवल 4..5 प्रतिशत हैं जिन्हें उनकी पेंशन (ओआरओपी के अनुसार) मिलने में दिक्कत हो रही है.”
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से अधिकतर 1962 एवं 1971 का युद्ध लड चुके पूर्व सैनिकों सहित पुराने सैन्यकर्मीहैं जिनके रिकार्ड नहीं मिल रहे हैं.” रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘चूंकि उनके रिकार्ड पुराने हैं, पेंशन विभाग के पास वे नहीं हैं. पेंशन के लिए सबसे महत्वपूर्ण रिकार्ड पूर्व सैन्यकर्मियों की सेवा के वर्ष होते हैं. वे उपलब्ध नहीं हैं. वे पुराने पेंशनभोगी हैं. कई मामलों में उनके परिवार को पेंशन मिल रही है. ”