नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 17 वर्षों में सबसे खतरनाक धुंध छायी हुई है. एक हरित संस्था ने यह जानकारी देते हुए दिल्ली की सरकार से स्वास्थ्य अलर्ट जारी करने को कहा है और लोगों से बच्चों को घर के अंदर रखने की अपील करने को कहा गया है क्योंकि वायु प्रदूषण बढने के कारण स्वास्थ्य आपातकाल की जैसी स्थिति बनी हुई है. धुंध के कारण महानगर में दृश्यता खराब रही और लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने दिल्ली सरकार से कहा कि ठंड के मौसम में प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के लिए कडे उपाय किए जाएं और लोगों के लिए स्वास्थ्य विमर्श जारी किया जाए.
सीएसई के वायु प्रदूषण और सतत् गतिशीलता टीम की प्रमुख अनुमिता रायचौधरी ने कहा, ‘‘इसमें कमजोर लोगों को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरुरत है — ऐसे लोग जो श्वसन और हृदय रोग से पीडित हैं और बच्चे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को हर किसी को सूचित करना चाहिए और सलाह देना चाहिए कि घरों के अंदर रहें और बाहर व्यायाम नहीं करें. साथ ही इसे ठंड के समय सभी स्रोतों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण लगाना चाहिए और आपातकालीन कदम उठाए जाने चाहिए.’ सीएसई ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 17 वर्षों में यह सबसे खतरनाक धुंध है और दो नवम्बर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 17 वर्षों में सबसे खतरनाक स्तर पर धुंध रिकॉर्ड किया गया जहां दृश्यता 300 से 400 मीटर रही.
