नयी दिल्ली : पहले से ही प्रदूषण के खतरों का सामना कर रही दिल्ली में दिवाली के बाद हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. दिल्ली की हवा दीपावली के बाद 17 गुना ज्यादा प्रदूषित हो गयी है. पर्यावरण वैज्ञानिक इस स्तर को खतरनाक बता रहे हैं. दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण स्तर मापे जाने के बाद प्रदूषण के खतरनाक लेवल तक पहुंचने की बात सामने आयी है. लोधी रोड में प्रदूषण का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया. पूसा रोड, मथुरा रोड, धीरपुर, दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रीतमपुरा का प्रदूषण स्तर को गंभीर रखा गया है.
सीएसई के मुताबिक पटाखों से सल्फर नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड व विषैला तत्व निकलता है. यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है. पटाखों से निकलने वाले घुंए से दिल्ली में धुंध छा गया. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकॉस्ट रिसर्च के मुताबिक दीपावली रात के आठ बजे विश्वसनीय प्रदूषकों पीएम 2.5 और 10 क्रमश : 283 और 517 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो काफी खतरनाक स्तर है.
दीपावली पर दिल्ली में आग लगने की 300 घटनाएं हुई
दीपावली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन को आग लगने की लगभग 300 मामूली घटनाओं की शिकायत मिली है. इनमें एक बच्चे समेत कुछ लोग आग की चपेट में आकर घायल हुए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि रात 12 बजे तक दिल्ली अग्निशमन विभाग के पास 243 कॉल आए जबकि मध्य रात्रि से लेकर सुबह तक 107 कॉल आए.
दिल्ली अग्निशामक सेवाओं के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में कल लगभग तीन बजे सडक पर लगी पटाखों की एक दुकान में आग लग गई। इसमें एक महिला और एक बच्चा घायल हुए हैं.’ रात आठ से दस बजे तक आग लगने की घटनाओं के अधिकतम 40 कॉल आए हैं. इस समय तक धुंआधार आतिशबाजी शुरु हो चुकी थी.शहर में 59 स्थायी फायर स्टेशनों के अलावा उन 22 इलाकों में अस्थायी स्टेशन भी बनाए गए थे जहां पिछले साल दीपावली के दौरान आग लगने के सबसे ज्यादा कॉल आए थे.दीपावली पर आग लगने से संबंधित कॉल में इजाफे के मद्देनजर प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष में फोन लाइनों की संख्या भी बढा दी थी
