बोले जेटली, सामाजिक कलह भटका सकता है विकास के एजेंडा को

नयी दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारत में बढ रहे सामाजिक कलह पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि समाज में जारी कलह की वजह से विकास का एजेंडा भटक रहा है. पंजाब और कश्मीर में अतीत की समस्याओं को छोड कर भारत को सुरक्षित स्थान बताते हुए अरुण जेटली ने शनिवार को […]

नयी दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारत में बढ रहे सामाजिक कलह पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि समाज में जारी कलह की वजह से विकास का एजेंडा भटक रहा है. पंजाब और कश्मीर में अतीत की समस्याओं को छोड कर भारत को सुरक्षित स्थान बताते हुए अरुण जेटली ने शनिवार को आगाह किया कि जाति या धर्म के नाम पर कोई भी सामाजिक कलह भावनाओं को उद्वेलित कर सकता है और देश को इसके विकास के एजेंडा से भटका सकता है.

उन्होंने कहा कि हमने पंजाब, कश्मीर और पूर्वोत्तर में चरमपंथ देखा है लेकिन सौभाग्य से यदि हम शेष दुनिया को देखे तो, हम अब भी सर्वाधिक सुरक्षित स्थान हैं. इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में यहां प्रथम डॉ एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल लेक्चर देते हुए जेटली ने यह भी कहा कि सिर्फ सुरक्षा पर खर्च करने के बजाय एक विकसित समाज बनने के लिए गरीबी उन्मूलन और बुनियादी ढांचा विकास पर खर्च किए जाने की जरुरत है.

जेटली ने कहा कि जितनी तेजी से हम और भी सुरक्षित-चरमपंथ मुक्त समाज बनेंगे, वह हमारे लिए बेहतर होगा. मुझे लगता है कि एक विकसित समाज बनने के लिए किसी भी तरह के सामाजिक कलह से हमे दूर रहना होगा. जेटली ने इन्हें नीतिगत भटकाव करार देते हुए कहा कि जाति, भाषा, धर्म, जल, ये सब भावनाएं उद्वेलित करने में सक्षम हैं जो विकास एजेंडा से भटका सकते हैं और कल पैदा कर सकते हैं. ये समाज के लिए बहुत महंगे साबित होंगे.

मंत्री ने कहा कि इन मुद्दों से खुद को दूर रखने की हमारी क्षमता और परिपक्वता इन मुद्दों पर रोक लगाएंगी. देश के विभिन्न हिस्सों में दलितों पर हमले की घटनाओं के मद्देनजर यह बयान आया है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को भी विश्वसनीय राजनीति की जरुरत है ताकि हमारे पास विश्वसनीय नीति हो सके.

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