राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित

नयी दिल्ली : आज राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री के उस बयान पर आपत्ति जतायी जो उन्होंने सदन में चर्चा के दौरान कही. उन्होंने कहा कि मंत्री ने जो पर्चा पढ़ा वह आपत्तिजनक था और उससे देश की सौ करोड़ आबादी की धार्मिक भावना को […]

नयी दिल्ली : आज राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री के उस बयान पर आपत्ति जतायी जो उन्होंने सदन में चर्चा के दौरान कही. उन्होंने कहा कि मंत्री ने जो पर्चा पढ़ा वह आपत्तिजनक था और उससे देश की सौ करोड़ आबादी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है.

इसके लिए एचआरडी मंत्री स्मृति को अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए. विपक्ष के अन्य लोगों ने भी स्मृति ईरानी से बिना शर्त क्षमा मांगने की अपील की. इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक हिंदू हूं और मां दुर्गा की पूजा करती हूं. जब वह पर्चा मैंने पढ़ा तो मुझे काफी तकलीफ हुई, लेकिन मैंने उसे इसलिए पढ़ा क्योंकि मुझसे सबूत मांगा जा रहा था.उन्होंने कहा कि मैंने जो कुछ पढ़ा, वह सरकारी दस्तावेज नहीं था, बल्कि जेएनयू में बांटा जाने वाला दस्तावेज था.
स्मृति ईरानी के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस देश में कई विचारधारा के लोग हैं और अगर किसी गुरु या देवी देवता का अपमान करते हैं और कोई अपमानजनक बयान देते हैं, तो उसे सदन में हूबहू नहीं रखा जा सकता है. इसलिए मंत्रीजी बिना माफी मांगें.लेकिन इसपर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हम क्यों माफी मांगे, क्योंकि हमने यह कहा कि राहुल गांधी देशद्रोहियों के साथ खड़े थे. हम कोई माफी नहीं मांगेंगे.
हंगामा ना थमता देख, उपसभापति ने कहा कि सदन की यह परंपरा रही है कि सदन के कामकाज के रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं जाना चाहिए, जो किसी की भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता हो, तो ऐसे में मैं यही कर सकता हूं कि मैं रिकॉर्ड चेक करूं और अगर कुछ अपमान जनक हुआ, तो उसे रिकार्ड से हटा दिया जाये.
हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी है. 2.30 बजे सदन की कार्यवाही जब शुरू हुई तो रोहित वेमुला की आत्महत्या का मामला सदन में गूंजा. मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बसपा की अध्यक्ष द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब दिया. उन्होंने बताया कि वेमुला को फेलोशिप दी जाती थी और उसने कभी भी फेलोशिप लेने से इनकार नहीं किया था.

ईरानी ने यह भी कहा कि यह कहना है कि उसकी आत्महत्या की जांच कमेटी में कोई एससी सदस्य नहीं है, यह गलत है.

स्मृति ईरानी के जवाब से असंतुष्ट बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि सरकार दलित विरोधी है. अगर वह दलितों के पक्ष में होती तो जांच कमेटी में किसी ना किसी दलित को जरूर रखती. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. आज भी मंत्री ने मेरे सवालों का सही जवाब नहीं दिया है. सरकार रोहित वेमुला की आत्महत्या के लिए दोषी लोगों को जो आरएसएस के समर्थक हैं बचाने की कोशिश कर रही है. लगभग 4.30 बजे सभापति ने लोकसभा की कार्यवाही 29 फरवरी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी.

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