अफजल गुरु विवाद पर हमने दिल्ली पुलिस को सौंप दिये सबूत : जेएनयू कुलपति

नयी दिल्ली : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार ने आज एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा है कि विश्वविद्यालय में छात्रों के एक समूह द्वारा संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में और भारत के विरोध में नारे लगाने के मामले मेंविश्वविद्यालयक एक समिति बनायी गयी है, जो मामले की […]

नयी दिल्ली : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार ने आज एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा है कि विश्वविद्यालय में छात्रों के एक समूह द्वारा संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में और भारत के विरोध में नारे लगाने के मामले मेंविश्वविद्यालयएक समिति बनायी गयी है, जो मामले की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी. वह समिति 25 फरवरी तक अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी.उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली पुलिस को जांच के लिए कहा है और इस संबंध में पुलिस द्वारा मांगे गये सबूत उन्हें सौंप दिये हैं.उल्लेखनीय है कि नौ फरवरी को जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था और उसके समर्थन में नारे लगाये गये थे. इस मामले में वामपंथी छात्र संगठन से आने वाले जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया व कई छात्रों की धरपकड़ की कोशिश जारी है. इस मामले में सात अन्य छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था.

कुलपति ने कहा कि हम किसी भी समस्या को आपसी बातचीत कर शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा सकते हैं. उन्होंने सभी पक्षों से कैंपस का माहौल सामान्य बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बातें रखने व विचार साझा करने के खिलाफ नहीं है. कुलपति ने कहा कि हमारी उच्च स्तरीय कमेटी अपना काम कर रही है. हालांकि उन्होंने पत्रकारों के उस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि इस पूरे मामले में उनकी निजी राय क्या है.

कुलपति एम जगदीश कुमार ने कहा कि हमने सामान्यत: कभी भी पुलिस को विश्वविद्यालय परिसर में आने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा बातचीत से मामले सुलझाये जा सकते हैं कि इसके लिए हड़ताल करने की जरूरत नहीं है. मालूम हो कि छात्रों व प्रोफेसरों का एक गुट जेएनयू में हड़ताल पर चला गया है.

ध्यान रहे कि इस मामले में वाम नेता सीताराम येचुरी एवं डी राजा व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने के बाद राजनीति चरम पर पहुंच गयी और आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. उधर, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि राष्ट्रविरोधी नारा लगाने वालों को सहन नहीं किया जायेगा और उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.

वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में आज भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन कुलपति कार्यालय के समक्ष जारी है. इस मामले में राजनेता भी इस मामले में सक्रिय हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >