7 मई से विदेश में फंसे भारतीयों को लाने के लिए 64 फ्लाइट्स भरेंगे उड़ान, जानिए कहां-कहां से आएंगे लोग...

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) की रोकथाम के लिए देश में बीते 25 मार्च से लगातार जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों (Indians) को लाने के लिए आगामी सात मई (7 may) से 64 फ्लाइटों को रवाना करने का फैसला किया है.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) की रोकथाम के लिए देश में बीते 25 मार्च से लगातार जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों (Indians) को लाने के लिए आगामी सात मई (7 may) से 64 फ्लाइटों को रवाना करने का फैसला किया है. मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को बताया कि मई के पहले सप्ताह यानी 7 से 13 मई के बीच दुनिया के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए 64 फ्लाइटों को रवाना किया जाएगा.

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नागरिक उड्डयन मंत्री पूरी ने बताया कि सरकार की ओर से विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों को लाने के लिए जिन-जिन देशों के लिए 64 विमानों को रवाना किया जाएगा, उसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए 10, कतर (Qatar) के लिए 2, सऊदी अरबिया (Saudi Arabia) के लिए 5, ब्रिटेन (UK) के लिए 7, सिंगापुर (Singapore) के लिए 5, अमेरिका (US) के लिए 7, फिलीपींस (Philippines) के लिए 5, बांग्लादेश (Bangladesh) के लिए 7, बहरीन (Bahrain) के लिए 2, मलेशिया (Malaysia) के लिए 7, कुवैत (Kuwait) के लिए 5 और ओमान (Oman) के लिए 2 विमान शामिल हैं.

इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्री ने यह भी बताया कि दूसरे देशों से भारतीयों को स्वदेश वापसी के लिए भेजे जा रहे विमानों का किराया भी निर्धारित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि लंदन से मुंबई आने वालों के लिए फिक्स 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा. इसकी प्रकार लंदन से अहमदाबाद, बेंगलुरु और दिल्ली आने वालों को भी किराये के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा. हालांकि, शिकागो से दिल्ली और हैदराबाद आने वालों को किराये के रूप में 1 लाख रुपये देने होंगे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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