बिहार चुनाव से पहले ''वन रैंक वन पेंशन'' कार्यक्रम की हो सकती है घोषणा

नयी दिल्ली : सरकारी सूत्रों ने आज संकेत दिया कि सैन्यकर्मियों के लिए लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) कार्यक्रम की इस साल बिहार में विधानसभा चुनावों के पहले घोषणा हो सकती है. उन्होंने बताया कि सरकार ओआरओपी की प्रक्रियाओं पर काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी घोषणा करेंगे. सूत्रों ने बताया, […]

नयी दिल्ली : सरकारी सूत्रों ने आज संकेत दिया कि सैन्यकर्मियों के लिए लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) कार्यक्रम की इस साल बिहार में विधानसभा चुनावों के पहले घोषणा हो सकती है. उन्होंने बताया कि सरकार ओआरओपी की प्रक्रियाओं पर काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी घोषणा करेंगे.

सूत्रों ने बताया, ‘इस पर (ओआरओपी) काम हो रहा है. हमें एक अलग श्रेणी की जरुरत होगी जिससे कि बाद में इसे कानूनी तौर पर चुनौती नहीं दी जा सके और ना ही इस पर कोई अन्य पक्ष दावा कर सके. यह दूसरी सरकारी पेंशन से अलग होगा.’ यह पूछे जाने पर कि कब यह लागू होगा, उन्होंने संकेत दिया कि अगर सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाती हैं तो बिहार चुनाव के पहले इसकी घोषणा की जा सकती है.

मोदी सरकार पर और दबाव बढाते हुए पूर्व सैन्यकर्मियों ने वन रैंक वन पेंशन के लंबित दावे की मांग पर बिहार में विधानसभा चुनावों के पहले एक बडी रैली करने का फैसला किया है. पूर्व सैन्यकर्मी कल से देश भर के करीब 20 शहरों में क्रमिक भूख हडताल पर चले गये है.

बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल सितंबर या अक्तूबर में हो सकता है. मोदी सरकार ने कहा है कि वह लोकसभा चुनावों के दौरान किये गये वादे ओआरओपी के लिए प्रतिबद्ध है. हालांकि, अभी तक इसे लागू नहीं किया जा सका है. सरकार ने भले ही यह कहा हो कि वह ओआरओपी को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है पर इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है कि देरी क्यों हो रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >