पशुओं के टकराने से एक साल में 4000 ट्रेनें प्रभावित, रेलवे बना रहा मास्टरप्लान, रेल मंत्री ने कही ये बात

Railway News: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि सरकार रेल मार्ग पर दीवार बनाने को लेकर काफी गंभीर है. डिजाइन पर विचार किया जा चुका है. अगले पांच से छह महीने में मजबूत दीवार बनाने की मंजूरी दी है.

Railway News: रेलवे रूट पर अक्सर पशुओं के आ जाने से हादसा होता रहता है. कई बार तो ट्रेन के नीचे आने से पशुओं की जान तक चली जाती है. ऐसे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यानी बुधवार को कहा कि रेलवे उन जगहों पर एक हजार किलोमीटर दूरी तक दीवार बनाएगा जहां ट्रेनों से मवेशियों के कुचलने के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे अगले छह महीने में काम पूरा करेगा.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों में पशु हादसों को रोकने के लिए चारदीवारी के नए डिजाइन को मंजूरी दी गई है. यह नई चारदीवारी अगले 5-6 महीनों में स्थापित की जाएगी. इससे ट्रेनों से पशुओं को टकराने की घटना में कमी आएगी.

4 हजार से ज्यादा ट्रेनें होती हैं प्रभावित: गौरतलब है कि कुछ महीने पहले शुरू हुए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का अगला हिस्सा ऐसे ही पशुओं से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था. आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो अक्टूबर महीने के पहले ही 10 दिनों में मवेशियों के पटरियों पर आने से करीब 2 सौ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ.  पूरे साल की बात की जाये तो जनवरी 2022 से लेकर अब तक करीब 4 हजार ट्रेनें इस तरह की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं.

वहीं, इस तरह की घटना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि सरकार रेल मार्ग पर दीवार बनाने को लेकर काफी गंभीर है. डिजाइन पर विचार किया जा चुका है. अगले पांच से छह महीने में मजबूत दीवार बनाने की मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि रेल से पशुओं के टकराने की घटना परंपरागत दीवारों कम नहीं होगी. इस लिए  विशेष डिजाइन पर काम किया जा रहा है. 

भाषा इनपुट के साथ

Also Read: गुजरात चुनाव 2022: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की आखिरी लिस्ट, शंकर सिंह वाघेला के बेटे को भी टिकट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >