नयी दिल्ली : पंजाब में गन्ना किसानों के आंदोलन से उत्तर रेलवे की सेवाएं पिछले पांच दिनों से लगातार बाधित हो रही हैं. इस दौरान कई ट्रेनें रद्द कर दी गयी हैं. वहीं, कई ट्रेनों के रूट को डायवर्ट कर दिया गया है. उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने पंजाब सरकार से अपील की है कि किसानों से बात कर सेक्शन क्लियर कराये, जिससे रेल परिचालन शुरू कराया जा सके.
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने जालंधर में गन्ना किसानों के आंदोलन से ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने पर मंगलवार को कहा कि ”अब तक, हमने 368 ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट, शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट किया है. 215 ट्रेनें रद्द की गयी हैं. हमें उम्मीद है कि पंजाब सरकार किसानों से बात करेगी और सेक्शन क्लियर करेगी.”
मालूम हो कि पिछले पांच दिनों से गन्ना किसानों के आंदोलन से पंजाब में रेल यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है. औसतन सौ से अधिक ट्रेनें प्रतिदिन प्रभावित हो रही हैं. ट्रेनों का परिचालन नहीं होने से कई स्टेशनों पर यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है. वहीं, आरक्षित टिकटों को निरस्त कराने के लिए भी लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं.
गौरतलब हो कि आज मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ किसान की बैठक होनी है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गन्ना खरीद के नये मूल्य की घोषणा कर सकते हैं. किसानों ने कहा है कि अगर बातें नहीं मानी गयी, तो पंजाब बंद का एलान किया जायेगा. साथ ही जालंधर में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक जाम रहेगा.
मंगलवार को भी उत्तर रेलवे की जम्मू तवी-अजमेर स्पेशल, अमृतसर-अजमेर स्पेशल, जम्मू-नयी दिल्ली-जम्मू वंदेभारत एक्सप्रेस, नयी दिल्ली-अमृतसर-नयी दिल्ली, हावड़ा-अमृतसर-हावड़ा, लुधियाना-अंबाला-लुधियाना, लुधियाना लिंक एक्सप्रेस समेत 27 ट्रेनें निरस्त कर दी गयी हैं.
