यूपीए ने सेंसर बोर्ड का किया है राजनीतिकरण, सब इसी का परिणाम : वेंकैया नायडू

चेन्नई : सेंसर बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने वाले इसके सदस्यों को आडे हाथ लेते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने आज कहा कि अगर कुछ गलत हुआ है तो उन्हें खुद को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे सत्ता में थे. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नायडू ने कांग्रेस […]

चेन्नई : सेंसर बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने वाले इसके सदस्यों को आडे हाथ लेते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने आज कहा कि अगर कुछ गलत हुआ है तो उन्हें खुद को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे सत्ता में थे. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नायडू ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संप्रग सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) का राजनीतिकरण किया.

उन्होंने यहां हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा, वे कल तक सत्ता में थे और सेंसर बोर्ड में यदि कुछ गलत हुआ तो उन्हें खुद को जिम्मेदार ठहराना चाहिए. नायडू ने कहा, संप्रग सरकार ने इस बोर्ड का राजनीतिकरण किया और वे (बोर्ड सदस्य) नयी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते.

नायडू सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन और 12 अन्य सदस्यों के इस्तीफे के संबंध में पूछे गये सवालों का जवाब दे रहे थे. बोर्ड की अध्यक्ष और इसके सदस्यों ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की फिल्म ‘मैसेंजर ऑफ गॉर्ड’ को फिल्म ट्रिब्यूनल द्वारा अनुमति दिये जाने से उठे विवाद के बीच सरकार पर पिछले कुछ दिनों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और विरोध जताते हुए बोर्ड से इस्तीफा दे दिया. सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने सेंसर बोर्ड के सदस्यों के आरोप खारिज करते हुए कल कहा था कि सरकार फिल्म प्रमाणन के मामलों में पर्याप्त दूरी बनाकर रखती है.

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