कोयला आबंटन मामले में टाटा स्टील, जेएसपीएल व अन्य को फिर से नोटिस

नयी दिल्ली: सरकार ने कोयला खदान आबंटन मामले में एक बार फिर से जेएसपीएल, जेएसडब्ल्यू तथा टाटा स्टील जैसी कंपनियों को आज कारण बताओ नोटिस देकर खान विकसित करने में देरी के कारणों के बारे में पूछा है.इसके साथ ही सरकार ने कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे जवाब देने में […]

नयी दिल्ली: सरकार ने कोयला खदान आबंटन मामले में एक बार फिर से जेएसपीएल, जेएसडब्ल्यू तथा टाटा स्टील जैसी कंपनियों को आज कारण बताओ नोटिस देकर खान विकसित करने में देरी के कारणों के बारे में पूछा है.इसके साथ ही सरकार ने कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे जवाब देने में विफल रहती हैं तो उनकी बैंक गारंटी में कटौती की जा सकती है.
कोयला मंत्रालय ने लगभग 130 कोयला खानों के पूर्व आबंटियों से कहा है ‘आपको कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है कि क्यों न कोयला खानों के विकास में देरी को आबंटन पत्र के नियम एवं शर्तों का उल्लंघन माना जाये. कारण बताओ नोटिस जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर खान के विकास में देरी के कारणों के बारे में बतायें’.
सरकार ने मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि., भूषण लि., नाल्को, हिंडाल्को इंडस्टरीज, एनटीपीसी, एस्सार पावर, सेल, अदाणी पावर तथा टाटा पावर जैसी कंपनियों को भी नया नोटिस दिया गया है.
मंत्रालय ने आगे कहा है कि अगर वे जवाब देने में विफल रहती हैं तो यह माना जाएगा कि आपकी कंपनी के पास कहने के लिये कुछ नहीं है और बैंक गारंटी भुनाना या उसमें कटौती की कार्रवाई की जाएगी.
मंत्रालय के अनुसार पिछले महीने अंतर-मंत्रालयी समूह की बैठक में यह कहा गया है कि कोयला खानों का आबंटन रद्द होने के बावजूद इन खानों के पूर्व आबंटी बैंक गारंटी भुनाने या उसमें कटौती से नहीं बच सकते.

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