80वां स्वतंत्रता दिवस 2026 विशेष: 1947 से अब तक हर साल की एक बड़ी उपलब्धि, जिसने बदला भारत

Independence Day 2026: 15 अगस्त 2026 को भारत अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ है. 1947 से 2026 तक, देश ने विज्ञान, तकनीक, अर्थव्यवस्था और रक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है. भारत की हर साल की एक प्रमुख उपलब्धि रही, जिसने उसे आज इस मुकाम पर खड़ा किया है, हम आपके साथ अपने नजरिए से हर साल की एचीवमेंट साझा कर रहे हैं.

Independence Day 2026: 15 अगस्त 2026 को भारत अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. 1947 में एक नए स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में शुरू हुई भारत की यात्रा आज 79 पूरे वर्षों का सफर तय कर चुकी है. इन वर्षों में देश ने सिर्फ अपनी सीमाओं और संस्थाओं को मजबूत नहीं किया, बल्कि विज्ञान, तकनीक, कृषि, शिक्षा, रक्षा, अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष, खेल और डिजिटल क्षेत्र में भी दुनिया के सामने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. भारत ने अब तक कई ऐसे पड़ाव हासिल किए हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत की तस्वीर बदल दी.

140 करोड़ से ज्यादा लोगों के देश- भारत के लिए यह सफर सिर्फ बीते वर्षों की गिनती नहीं है. हिमालय से लेकर समुद्र तक फैले इस विशाल देश ने इन दशकों में संस्थाओं का निर्माण किया, लोकतंत्र को मजबूत किया, नई तकनीकों को अपनाया और दुनिया के सामने अपनी क्षमताओं का विस्तार किया. दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान रखने वाला भारत आज एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है.

इन 79 वर्षों में 28,856 दिन बीत चुके हैं. हर दिन की अपनी कोई न कोई कहानी और उपलब्धि रही है. हर उपलब्धि को एक साथ समेटना संभव नहीं, लेकिन हर साल की कुछ ऐसी बड़ी उपलब्धि को जरूर देखा जा सकता है, जिसने उस दौर के भारत पर अपनी खास छाप छोड़ी.

हमने अपने नजरिए से 1947 से 2026 तक हर साल की एक प्रमुख उपलब्धि चुनी है. तो आइए, 1947 से 2026 तक के ऐतिहासिक सफर पर चलते हैं और देखते हैं कि हर साल भारत ने कौन-सा बड़ा पड़ाव हासिल किया.

1947-1959: राष्ट्र निर्माण, लोकतंत्र और संस्थागत नींव

1947: आजादी और रियासतों का एकीकरण: 15 अगस्त को भारत स्वतंत्र हुआ. सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 500 से अधिक रियासतों का भारत में एकीकरण हुआ.

1948: पहला ओलंपिक स्वर्ण: स्वतंत्र भारत ने लंदन ओलंपिक में ब्रिटेन को हराकर पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीता.

1949: संविधान को अपनाया गया: संविधान सभा ने 26 नवंबर को भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया.

1950: गणराज्य की स्थापना: 26 जनवरी को संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना.

1951: पहली पंचवर्षीय योजना और पहला संविधान संशोधन: देश ने आर्थिक नियोजन की शुरुआत की और पहला संविधान संशोधन किया गया, जिसमें भूमि सुधारों की सुरक्षा के लिए नौवीं अनुसूची जोड़ी गई. भारत की पहले IIT की स्थापना हुई. देश में उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर की स्थापना हुई.

1952: पहला आम चुनाव: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव कराया गया.

1953: नागरिक उड्डयन का राष्ट्रीयकरण: एयर इंडिया इंटरनेशनल और इंडियन एयरलाइंस के जरिए नागरिक विमानन को व्यवस्थित किया गया.

1954: पंचशील समझौता: शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों को भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया. इस साल भारत ने परमाणु ऊर्जा का संस्थागत विकास की नींव डाली, जिसके लिए परमाणु ऊर्जा विभाग की स्थापना हुई.

1955: भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना: इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनाया गया, जिससे बैंकिंग का विस्तार हुआ. इसी वर्ष हिंदू कोड कानून बना, जिसने विवाह, उत्तराधिकार और गोद लेने से जुड़े महिलाओं के अधिकारों में महत्वपूर्ण कानूनी सुधार किए गए.

1956: राज्यों का पुनर्गठन: भाषाई आधार पर राज्यों की सीमाओं का पुनर्गठन किया गया, जिससे आधुनिक भारतीय संघीय ढांचे की नींव मजबूत हुई. भारत के पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना भी इसी साल हुई, जिसने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

1957: दशमलव मुद्रा प्रणाली: भारत ने मुद्रा प्रणाली को दशमलव पद्धति में बदला. एशिया के पहले परमाणु अनुसंधान रिएक्टर ‘अप्सरा’ ने ट्रॉम्बे में काम करना शुरू किया.

1958: DRDO की स्थापना: स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की स्थापना हुई.

1959: पंचायती राज की शुरुआत: राजस्थान के नागौर में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की गई. इसी साल टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत: दिल्ली में प्रायोगिक टेलीविजन प्रसारण शुरू हुआ, जो आगे चलकर दूरदर्शन के विकास का आधार बना.

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1960-1974: आत्मनिर्भरता, विज्ञान, रक्षा और भू-राजनीति

1960: सिंधु जल संधि: विश्व बैंक की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक जल बंटवारा समझौता हुआ.

1961: गोवा मुक्ति: ऑपरेशन विजय के जरिए पुर्तगाली शासन का अंत हुआ और गोवा, दमन और दीव भारत का हिस्सा बने.

1962: अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत: भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) का गठन हुआ, जिसने आगे चलकर ISRO की नींव रखी.

1963: पहला रॉकेट प्रक्षेपण: केरल के थुंबा से भारत ने पहला साउंडिंग रॉकेट लॉन्च किया और अंतरिक्ष अनुसंधान की शुरुआत की.

1964: भाखड़ा बांध: भाखड़ा बांध राष्ट्र को समर्पित किया गया. इसे जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत के “मंदिरों” में से एक बताया.

1965: 1965 का भारत-पाक युद्ध: भारत ने पाकिस्तान के साथ युद्ध में अपनी सैन्य क्षमता और संप्रभुता की रक्षा की.

1966: हरित क्रांति: उच्च उपज वाली फसल किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया गया, जिससे भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा.

1967: नाथू ला और चो ला संघर्ष: सिक्किम क्षेत्र में चीनी सैन्य दबाव का भारतीय सेना ने मुकाबला किया और सीमा की रक्षा की.

1968: INS नीलगिरि: भारत में निर्मित प्रमुख युद्धपोतों के निर्माण की दिशा में INS नीलगिरि एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना.

1969: ISRO की स्थापना: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का औपचारिक गठन हुआ. इसी साल बैंकों का राष्ट्रीयकरण भी हुआ, जिसके तहत 14 बड़े वाणिज्यिक बैंकों को नेशनलाइज किया गया, जिससे ग्रामीण और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण की पहुंच बढ़ी.

1970: ऑपरेशन फ्लड: श्वेत क्रांति के तहत दुनिया के सबसे बड़े डेयरी विकास कार्यक्रमों में से एक शुरू हुआ.

1971: बांग्लादेश मुक्ति: भारत ने 1971 के युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ. इस साल 26वां संविधान संशोधन भी हुआ, जिससे पूर्व रियासतों के शासकों को मिलने वाले प्रिवी पर्स को समाप्त किया गया.

1972: शिमला समझौता: भारत और पाकिस्तान ने विवादों को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए समझौता किया.

1973: प्रोजेक्ट टाइगर: बाघों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया गया. इसी साल केशवानंद भारती फैसला आया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ‘बेसिक स्ट्रक्चर’ सिद्धांत स्थापित किया, इसके तहत संसद संविधान की मूल संरचना को नहीं बदल सकती.

1974: पोखरण परमाणु परीक्षण: भारत ने पोखरण में अपना पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया, जिसे ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नाम दिया गया.

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1975-1989: अंतरिक्ष, खेल, तकनीक और लोकतांत्रिक बदलाव

1975: आर्यभट्ट उपग्रह: भारत ने अपना पहला उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ लॉन्च किया और अंतरिक्ष युग में प्रवेश किया. इसी साल संवैधानिक प्रक्रिया के बाद सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना.

1976: 42वां संविधान संशोधन: संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए तथा मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया.

1977: सत्ता का लोकतांत्रिक हस्तांतरण: आपातकाल के बाद सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हुआ, जिसने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती प्रदर्शित की.

1978: 44वां संविधान संशोधन: आपातकाल के दौरान किए गए कई संवैधानिक बदलावों को पलटा गया और नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा मजबूत की गई. इसी साल भारत में IVF की शुरुआती सफलता मिली. कोलकाता में पहले टेस्ट-ट्यूब बेबी के जन्म के साथ भारत ने प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की.

1979: भास्कर-I: भारत ने पहला प्रायोगिक रिमोट सेंसिंग उपग्रह ‘भास्कर-I’ लॉन्च किया.

1980: SLV-3 और रोहिणी: स्वदेशी SLV-3 रॉकेट की सफलता के साथ भारत ने अपनी उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता स्थापित की.

1981: पहला अंटार्कटिक अभियान: भारतीय वैज्ञानिकों का पहला दल अंटार्कटिका पहुंचा और वहां वैज्ञानिक गतिविधियों की शुरुआत हुई.

1982: एशियाई खेल: दिल्ली में 9वें एशियाई खेलों का आयोजन हुआ. इसके साथ देश में रंगीन टेलीविजन और दूरसंचार का तेजी से विस्तार हुआ.

1983: क्रिकेट विश्व कप: भारत ने लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीता.

1984: राकेश शर्मा अंतरिक्ष में: राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने.

1985: C-DOT: सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स की स्थापना हुई, जिसने स्वदेशी दूरसंचार तकनीक के विकास को गति दी. इस साल संसद ने 52वें संविधान संशोधन के जरिए दल-बदल विरोधी कानून बनाया. 

1986: राष्ट्रीय शिक्षा नीति: शिक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार की गई. इसी वर्ष विमानवाहक पोत INS विराट को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जिसने भारत की समुद्री सैन्य क्षमता को मजबूत किया.

1987: भारत-श्रीलंका समझौता: भारत और श्रीलंका के बीच समझौते के बाद भारतीय शांति सेना (IPKF) को श्रीलंका भेजा गया.

1988: मतदान की उम्र 18 वर्ष: 61वें संविधान संशोधन के जरिए मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई. इसी साल अग्नि मिसाइल का परीक्षण हुआ और IRS-1A उपग्रह के साथ भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमता को बढ़ावा मिला.

1989: PARAM 8000: भारत ने स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 विकसित किया इसके साथ ही पृथ्वी मिसाइल का परीक्षण हुआ, जिससे स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम को मजबूती मिली.

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1990-2004: आर्थिक सुधार, डिजिटल शुरुआत और वैश्विक पहचान

1990: मंडल आयोग की सिफारिशें: केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का फैसला हुआ.

1990: कुवैत से भारतीयों की निकासी: खाड़ी संकट के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को कुवैत से सुरक्षित बाहर निकाला गया.

1991: आर्थिक उदारीकरण: लाइसेंस राज में व्यापक सुधार किए गए और अर्थव्यवस्था को उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की दिशा में आगे बढ़ाया गया.

1992: 73वां और 74वां संविधान संशोधन: पंचायतों और नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा देकर स्थानीय शासन को मजबूत किया गया.

1993: PSLV: ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) की सफल उड़ान ने भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता को नई दिशा दी.

1994: पल्स पोलियो अभियान: देशभर में पोलियो उन्मूलन के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया गया.

1995: इंटरनेट की शुरुआत: VSNL ने 15 अगस्त को भारत में सार्वजनिक वाणिज्यिक इंटरनेट सेवा शुरू की.

1996: दिल्ली मेट्रो: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की स्थापना हुई, जिसने आधुनिक शहरी परिवहन की नींव रखी.

1997: स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती: भारत ने आजादी के 50 वर्ष पूरे किए. के. आर. नारायणन भारत के राष्ट्रपति बने और इस पद पर पहुंचने वाले पहले दलित व्यक्ति बने.

1998: पोखरण-II: भारत ने पोखरण में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण किए और स्वयं को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया.

1999: कारगिल विजय: ऑपरेशन विजय के तहत भारतीय सेना ने कारगिल की ऊंची चोटियों से घुसपैठ करने वाली सेनाओं को पीछे हटाया.

2000: IT Act: सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण कानून लागू किया गया. गोल्डन क्वाड्रिलेटरल के जरिए देश के प्रमुख महानगरों को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को गति मिली. इसी साल तीन नए राज्यों- छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड को नए राज्यों के रूप में गठित किया गया.

2001: सर्व शिक्षा अभियान: सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम शुरू किया गया.

2002: शिक्षा का अधिकार: 86वें संविधान संशोधन के जरिए 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया. इसी साल राजकोषीय अनुशासन और वित्तीय स्थिरता के लिए वित्तीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन कानून बनाया गया.

2003: गोल्डन क्वाड्रिलेटरल: प्रमुख महानगरों को जोड़ने वाले राजमार्ग नेटवर्क के महत्वपूर्ण हिस्सों को आगे बढ़ाया गया.

2004: EVM का व्यापक इस्तेमाल: लोकसभा चुनाव में देशभर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया.

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2005-2019: अधिकार, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष और नई अर्थव्यवस्था

2005: सूचना का अधिकार: RTI कानून लागू हुआ, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने का रास्ता खुला.

2005: मनरेगा: ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम शुरू हुआ.

2006: भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता: समझौते ने भारत को वैश्विक परमाणु व्यापार में दोबारा महत्वपूर्ण स्थान दिलाने का रास्ता खोला.

2007: T20 विश्व कप: भारत ने पहला ICC T20 विश्व कप जीता, जिससे देश में T20 क्रिकेट की लोकप्रियता और व्यावसायिक विस्तार को बड़ी गति मिली.

2008: चंद्रयान-1: भारत के पहले चंद्र मिशन ने चंद्रमा पर पानी के अणुओं की मौजूदगी के महत्वपूर्ण प्रमाण दिए.

2009: आधार: भारत ने बड़े पैमाने पर बायोमेट्रिक डिजिटल पहचान प्रणाली लागू करने की शुरुआत की.

2010: शिक्षा का अधिकार लागू: RTE कानून लागू हुआ और 6-14 वर्ष के बच्चों की मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रभावी हुआ.

2011: क्रिकेट विश्व कप: भारत ने घरेलू मैदान पर 28 साल बाद आईसीसी वनडे विश्व कप जीता.

2012: पोलियो उन्मूलन की बड़ी उपलब्धि: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो-एंडेमिक देशों की सूची से हटा दिया.

2013: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून: बड़ी आबादी को सब्सिडी वाले खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कानून बनाया गया. इसी साल भारत ने मंगलयान मिशन लॉन्च किया.

2014: भारतीय राजनीति में एक नया बदलाव हुआ, जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने. 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी को जनता ने पूर्ण बहुमत दिया था.

2014: जन धन योजना: करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन अभियान शुरू हुआ.

2015: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया. इसी साल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसके जरिए डिजिटल बुनियादी ढांचे और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का विस्तार हुआ. इसके साथ ही इसी साल नीति आयोग अस्तित्व में आया, जिसने योजना आयोग की जगह ली.

2016: UPI: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस लॉन्च हुआ, जिसने भारत में तत्काल डिजिटल भुगतान को नई गति दी. इसके साथ ही इसी साल नाविक (NavIC) के जरिए भारत ने स्वदेशी क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली को विकसित और संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की.

2017: GST: वस्तु एवं सेवा कर लागू हुआ और कई अप्रत्यक्ष करों को एक साझा कर व्यवस्था में शामिल किया गया. इसी साल भारत के इसरो ने एक ही मिशन में 104 उपग्रह लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड बनाया.

2018: आयुष्मान भारत: बड़े पैमाने पर सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू की गई.

2019: अनुच्छेद 370 में बदलाव: जम्मू-कश्मीर के विशेष संवैधानिक प्रावधानों में बड़ा बदलाव किया गया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में पुनर्गठित किया गया. इसके साथ ही 103वां संविधान संशोधन किया गया, जिसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया. इसी साल मिशन शक्ति के माध्यम से भारत ने एंटी-सैटेलाइट (ASAT) क्षमता का सफल प्रदर्शन किया.

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2020-2026: नई शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष और आत्मनिर्भरता

2020: नई शिक्षा नीति: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई, जिसमें स्कूली और उच्च शिक्षा के ढांचे में व्यापक बदलाव प्रस्तावित किए गए.

2021: स्वदेशी कोविड वैक्सीन: भारत ने स्वदेशी कोविड-19 टीकों का विकास और बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया. 100 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज: भारत ने एक वर्ष के भीतर 100 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन डोज लगाने का बड़ा पड़ाव हासिल किया.

2022: 5G सेवा: भारत में 5G मोबाइल नेटवर्क की शुरुआत हुई. दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: भारत ने नॉमिनल GDP के आधार पर ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल किया.

2023: चंद्रयान-3: भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बना. इसके साथ ही G20 अध्यक्षता: भारत ने G20 की अध्यक्षता की और नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. इसी साल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए संसद ने महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला संविधान संशोधन पारित किया.

2024: T20 विश्व कप: भारत ने ICC पुरुष T20 विश्व कप जीता. नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने पुराने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों का स्थान लिया. इसी साल भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्रों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए.

2025: गगनयान कार्यक्रम: भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानवरहित और सुरक्षा परीक्षणों में प्रगति हुई.

2026: अभी चलायमान है, जिसमें हम और आप इस यात्रा से साझा गवाह हैं. इस साल की उपलब्धि आप स्वयं चुन सकते हैं. 

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79 साल की इस यात्रा में क्या बदला?

1947 का भारत और 2026 का भारत कई मायनों में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आते हैं. शुरुआत में देश के सामने राजनीतिक एकीकरण, संस्थाओं के निर्माण, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता जैसी बुनियादी चुनौतियां थीं. आगे चलकर भारत ने हरित क्रांति, परमाणु शक्ति, अंतरिक्ष कार्यक्रम, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल भुगतान और आधुनिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई.

इन 79 वर्षों में भारत ने कई बार संकट देखे, युद्ध लड़े, आर्थिक मुश्किलों से गुजरा, प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया और कई बड़े सामाजिक बदलावों से भी गुजरा. लेकिन हर दौर में देश ने किसी न किसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी. यही वजह है कि 1947 का भारत और 2026 का भारत सिर्फ समय के लिहाज से नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं, तकनीक, अर्थव्यवस्था और वैश्विक भूमिका के लिहाज से भी एक-दूसरे से काफी अलग दिखाई देते हैं.

आज 15 अगस्त 2026 को जब तिरंगा 80वीं बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लहरा रहा है, तो उसके पीछे 28,856 दिनों की मेहनत, उपलब्धियों, असफलताओं, संघर्षों और फिर उनसे आगे बढ़ने की पूरी कहानी है. यह उन हजारों फैसलों, संस्थाओं, वैज्ञानिक प्रयासों, सामाजिक बदलावों और नागरिक भागीदारी का परिणाम है, जिन्होंने भारत को यहां तक पहुंचाया है. उस भारत को, जो लगभग 200 साल अंग्रेजों का गुलाम रहा. हर साल एक नई उपलब्धि, हर दशक एक नया मोड़ और हर पीढ़ी के साथ आगे बढ़ता एक राष्ट्र.

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लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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