आगरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी जापान के प्रशंसक हैं. उन्होंने कहा है कि भारत को जापान से सीखना चाहिए. भागवत ने सोमवार को आगरा में तीन दिवसीय युवा संकल्प समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीयों को जापानियों से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सामूहिक प्रगति जैसी भावनाओं को सीखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले से जापान पूरी तरह ताबाह हो गया था, लेकिन वहां के लोगों ने अपने तीव्र राष्ट्रप्रेम व समर्पण की बदौलत ही जापान को 30 सालों में विश्व बाजार का राजा बना दिया. उन्होंने कहा कि जापान की सफलता पर इनक्रेडिबल जैपनिज पुस्तक लिखी गयी है, जिसमें जापानियों के प्रमुख गुणों के बारे में बताया गया है. उन्होंने कहा कि पुस्तक में बताया गया है कि जापान के लोग देशभक्त होते हैं, देश के लिए वे किसी भी प्रकार का साहस कर सकते हैं और देश हित में निजी तौर पर किसी भी तरह का घाटा सह सकते हैं. जापानी लोग काफी अनुशासित और हर एक गांव का विकास करने वाले होते हैं.
संघ प्रमुख ने इजराइल की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इजराइल के विमान का अपहरण होने पर उसने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के मना करने पर भी अपने सुरक्षा बल भेजे, जिसमें उसके सुरक्षा कर्मी शहीद जरूर हुए लेकिन सभी नागरिकों को सुरक्षित छुडाने में सफलता पायी. उन्होंने संघ की तुलना आकाश व सागर से करते हुए कहा कि जिस तरह इन चीजों की किसी से तुलना नहीं की जा सकती है, वैसे संघ से भी किसी की तुलना नहीं की जा सकती है. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ को समझने के लिए लोगों को संगठन से जुडने की अपील की.
