सोशल मीडिया पर राहुल के खिलाफ टिप्पणी करना प्रोफेसर को पड़ा भारी, छुट्टी पर भेजने के बाद बवाल
मुंबई : मुंबई युनिवर्सिटी के प्रोफेसर योगेश सोमन ने फेसबुक पर राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी की. इन्होंने लिखा, आप सही कह रहे हैं राहुल, आप सावरकर नहीं हैं. आप में उन जैसा कुछ भी नहीं है. न समर्पण, न बलिदान और न ही वीरता. सच तो यह है कि आप सच्चे गांधी भी नहीं […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मुंबई : मुंबई युनिवर्सिटी के प्रोफेसर योगेश सोमन ने फेसबुक पर राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी की. इन्होंने लिखा, आप सही कह रहे हैं राहुल, आप सावरकर नहीं हैं. आप में उन जैसा कुछ भी नहीं है. न समर्पण, न बलिदान और न ही वीरता. सच तो यह है कि आप सच्चे गांधी भी नहीं हो. मैं आपकी पप्पूगीरी का विरोध करता हूं.
अब इस टिप्पणी के पीछे की कहानी समझ लीजिए राहुल गांधी ने झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान हालिया रेप की घटनाओं को लेकर रेप कैपिटल वाला बयान दिया था. राहुल गांधी से जब भाजपा ने माफी मांगने को कहा तो उन्होंने कहा, ‘मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है. मैं माफी नहीं मांगूंगा.’ राहुल गांधी पर प्रोफेसर की इस टिप्पणी के बाद प्रोफेसर को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया. इसे लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गयी है. कांग्रेस और भाजपा दोनों इस ममले को लेकर अपना – अपना पक्ष रख रहे हैं.
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने इस मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए. प्रोफेसर सोमण भाजपा की शह पर राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं. संविधान की रक्षा के लिए एनएसयूआई ने जो कदम उठाया, हमें उस पर गर्व है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहनवाज हुसैन कहा, कांग्रेस अभिव्यक्ति की आजादी की वकालत करती है. एक व्यक्ति जिसने अपने विचार सामने रखे उसे रोकने के लिए कांग्रेस ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया. मुंबई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने प्रोफेसर सोमण पर कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, एनएसयूआई और एआईएसएफ के सदस्यों ने प्रो. सोमण को धमकियां दीं. क्या यह असहिष्णुता नहीं है?
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तो बवाल मचा ही है इस पर विश्वविद्यालय भी अपनी तरह से सफाई दे रही है. विश्वविद्यालय की तरफ से बयान आया जांच कमेटी के फैसले के आधार पर प्रोफेसर सोमण को छुट्टी पर भेजा गया है. इससे पहले कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई, वामपंथी छात्र संगठन एआईएसएफ और छात्र भारती ने प्रोफेसर सोमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया था.