PM मोदी ने ”एक भारत श्रेष्ठ भारत” को गति देने के लिए निजी और सार्वजनिक स्कूलों के गठजोड़ की वकालत की

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार देश में बेहतर शिक्षा एवं कौशल विकास के लिये उत्साहपूर्वक काम कर रही है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को गति देने के लिए निजी और सार्वजनिक स्कूलों के गठजोड़ को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत है. एकल विद्यालय संगठन, गुजरात को […]

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार देश में बेहतर शिक्षा एवं कौशल विकास के लिये उत्साहपूर्वक काम कर रही है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को गति देने के लिए निजी और सार्वजनिक स्कूलों के गठजोड़ को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत है.

एकल विद्यालय संगठन, गुजरात को वीडियो संदेश के जरिये संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर संगठन को स्कूली बच्चों को विशेष कार्य, संगीत प्रतियोगिता, परिचर्चा, वाद-विवाद के मध्यम से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासियों की भूमिका को रेखांकित करना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया, प्रतियोगिता इस वर्ष शुरू की जा सकती है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर 2022 में पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में बेहतर शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए उत्साहपूर्वक काम कर रही है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को गति देने के लिए निजी और सार्वजनिक स्कूलों के गठजोड़ को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत है.

मोदी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल, पोषण अभियान, मिशन इंद्रधनुष और आदिवासी त्योहारों के मौके पर स्कूलों में छुट्टी देने जैसी योजनाओं से स्कूलों में बच्चों के बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्राॅपआउट) के चलन को रोकने में मदद मिली है और बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिला है.

प्रधानमंत्री ने एकल विद्यालय संगठन के ग्रामीण एवं आदिवासी इलाकों में ‘एकल स्कूल अभियान’ को बढ़ावा देने के लिए सराहना की. उन्होंने संगठन के भारत में एक लाख स्कूलों की संख्या पार करने पर बधाई दी और इस संदर्भ में सामाजिक सेवा के लिए उसे गांधी शांति सम्मान मिलने का भी जिक्र किया.

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