कानपुर : अब तक आप और हम गूगल को सर्च इंजन के रूप में जानते थे. इंटरनेट की दुनिया में गूगल का एकछत्र राज्य है, गूगल की इस ताकत को समझते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग ने उसके जरिये अपराधियों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है.
कानपुर जोन के 176 पुलिस स्टेशनों पर गूगल पर पिछले पांच सालों का ब्यौरा दर्ज हो रहा है और अगले माह की 10 जुलाई से सभी नौ जिलों में अब बचावकारी पुलिसिंग के लिए गूगल का सहारा लिया जायेगा. इसमें गूगल में प्रत्येक जिले के सभी पुलिस स्टेशनों में अभी पहले चरण में पिछले पांच सालों में होने वाले अपराधों का ब्यौरा और इतिहास दर्ज किया जा रहा है जिसे दूसरे चरण में जल्द ही बढ़ाकर दस साल का कर दिया जाएगा.
कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी पुलिस) आशुतोष पांडे ने आज बताया कि गूगल के सहारे प्रिवेंटिव पुलिस सेवा की शुरुआत कानपुर जोन के नौ जिलों कानपुर शहर, कन्नौज, कानपुर देहात, फरुर्खाबाद, झांसी, ललितपुर, मैनपुरी, जालौन तथा इटावा के सभी 176 पुलिस स्टेशनों में अगले माह 10 जुलाई से शुरु हो जायेगी.
इसके लिए प्रत्येक थाने के एक-एक युवा पुलिसकर्मी को इस बारे में ट्रेनिंग दी जा चुकी है और वह अपने- अपने पुलिस स्टेशनों के कंप्यूटर में आजकल डाटा फीडिंग का काम कर रहे है और पिछले पांच साल में उनके जिले में हुये अपराधों का ब्यौरा गूगल पर डाल रहे हैं. जब यह डाटा फीडिंग का काम पूरा हो जायेगा तो सर्वाधिक अपराध होने वाले क्षेत्रों को चिन्हित करके वहां पर पुलिस पिकेट तैनात किये जायेंगे ताकि अपराधी अपराध करके भाग न सकें या फिर वह अपराध करने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ जायें.
उन्होंने बताया कि अभी तक हमारी पुलिस घटना के बाद प्रतिक्रिया करती है जिसमें कोई अपराध या घटना हो जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंचती है और मामले की जांच पडताल कर अपराधियों तक पहुंचती है. अब हम कानपुर जोन के सभी नौ जिलो में बचावकारी पुलिस व्यवस्था की शुरुआत 10 जुलाई से करने जा रहे है ताकि अपराध से पहले या अपराध करने के बाद अपराधी पुलिस की गिरफ्त मेंहों.
