बेंगलुरु : कर्नाटक में शनिवार को हुए कड़े मुकाबले वाले उपचुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन को मतदाताओं का जोरदार तरीके से समर्थन मिला है. गठबंधन के उम्मीदवारों ने मंगलवार को विधानसभा की दोनों सीटों पर जीत हासिल कर ली और तीन में से दो लोकसभा सीटों पर भी जीत दर्ज की.
ये उपचुनाव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए बड़ा झटका हैं जो बेल्लारी लोकसभा सीट हार चुकी है. बेल्लारी सीट को विवादित खनन माफिया-रेड्डी बंधुओं का मजबूत गढ़ माना जाता है. बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी वी एस उगरप्पा 2,43,161 मतों के अंतर से विजयी हुए. उन्होंने भाजपा की जे शांता को हराया जो रेड्डी बंधुओं के मुख्य सहयोगी तथा इसी सीट से पूर्व सांसद बी श्रीरामुलु की बहन हैं.
भाजपा ने मात्र शिमोगा लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की है जो विपक्ष के नेता बी एस येदियुरप्पा का घर मानी जाती है. उनके बेटे बी वाई राघवेंद्र ने जेडीएस के मधु बंगरप्पा को हराया है. मधु पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस बंगरप्पा के बेटे हैं. रामनगर विधानससभा सीट पर मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के एल चंद्रशेखर पर 1,09,137 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. चंद्रशेखर ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था लेकिन आधिकारिक तौर पर वह पार्टी के उम्मीदवार बने रहे.
चंद्रशेखर चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गये थे लेकिन कुछ ही हफ्ते वापस कांग्रेस का दामन थामकर उन्होंने भगवा पार्टी को बड़ा झटका दिया था. उत्तरी कर्नाटक में पड़ने वाली, जामखंडी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा ने 39,480 मतों के अंतर से भाजपा के श्रीकांत कुलकर्णी को हराया.
सड़क हादसे में पिता और विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा की मौत के बाद उन्हें सहानुभूति का लाभ मिला. वहीं मांड्या लोकसभा सीट पर जेडीएस के शिवरामे गौड़ा ने भाजपा के नये चेहरे एवं पूर्व अधिकारी डॉक्टर सिद्धरमैया को पराजित किया है. पुराने मैसुरु क्षेत्र के वोक्कालिगा पट्टी में पड़ने वाला मांड्या जद(एस) का परंपरागत गढ़ माना जाता है.
