दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब, 10 दिन का अलर्ट जारी, सांस संबंधी हो सकती है कई तरह की बीमारियां

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वालों को इस बार रजाइयों से पहले अपने लिए मास्क की व्यवस्था कर लेनी होगी. सर्दियों से पहले ही प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में पहुंच रहा है. वातावरण में पीएम 2.5 की मात्रा तेजी से बढ़ रही है. हवा की गति काफी कम है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, […]

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वालों को इस बार रजाइयों से पहले अपने लिए मास्क की व्यवस्था कर लेनी होगी. सर्दियों से पहले ही प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में पहुंच रहा है. वातावरण में पीएम 2.5 की मात्रा तेजी से बढ़ रही है. हवा की गति काफी कम है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार से लगातार चौथे दिन वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही. राष्ट्रीय राजधानी के पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर दर्ज किया गया. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि त्योहारों में पटाखे फोड़े जाने और पराली जलाने के कारण अगले हफ्ते स्थिति और खराब हो सकती है.
बोर्ड ने दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 341 दर्ज किया. इस मौसम का सबसे अधिक एक्यूआई- 361 शुक्रवार को दर्ज किया गया था. शनिवार को दिल्ली के पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर है. ये इलाके आनंद विहार, द्वारका सेक्टर-8, नरेला, पंजाबी बाग और रोहिणी हैं. दिल्ली में सबसे अधिक प्रदूषण स्तर 434 पंजाबी बाग में दर्ज किया गया. कार्यबल ने दीवाली से पहले वायु गुणवत्ता के और खराब होने का अनुमान लगाते हुए एक से 10 नवंबर तक कड़े कदम उठाने की अनुशंसा की है.
सांस संबंधी हो सकती है कई तरह की बीमारियां
वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोन (पीएम 2.5) से छोटे कण सीधे सांस लेने के रास्ते हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. इससे हमें सांस लेने में दिक्कत, खांसी बुखार और घुटन महसूस होने की समस्या भी हो सकती है. हमारा नर्वस सिस्टम भी प्रभावित हो जाता है और हमें सिरदर्द और चक्कर आ सकता है. हमारे दिल को भी प्रदूषण सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >