सामाजिक, श्रम क्षेत्र में BRICS देशों के बीच सहयोग संबंधी एमओयू को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रिक्‍स देशों के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के करार […]

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रिक्‍स देशों के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के करार को पूर्व प्रभाव से मंजूरी दी गयी. तीन अगस्‍त, 2018 को ब्रिक्‍स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक के दौरान एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर कियेगये थे.

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के जरिये भारत सहित सभी प्रतिभागी देशों ने श्रम कानून बनाने और उन्‍हें लागू करने तथा असुरक्षित श्रमिक वर्ग का खास ध्‍यान रखते हुए सभी श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण करने, रोजगार और श्रम बाजार नीतियों, रोजगारोन्‍मुख शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर सहमति जतायीहै.

सदस्‍य देश सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों से जुड़े अन्‍य मुद्दों पर सहयोग के लिए ब्रिक्‍स देशों के श्रम अनुसंधान संस्‍थानों और सामाजिक सुरक्षा सहयोग फ्रेमवर्क का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. यह समझौता ज्ञापन अंतरराष्‍ट्रीय संधि नहीं है. इसलिए इससे जुड़े पक्षों पर अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों को मानने की बाध्‍यता नहीं है.

नयी औद्योगिक क्रांति के दौर में यह करार ब्रिक्‍स के सदस्‍य देशों को समग्र विकास तथा साझा समृद्धि के समान उद्देश्‍यों की प्राप्ति के लिए सहयोग, साझेदारी और बेहतर तालमेल की सक्षम कार्य प्रणाली उपलब्‍ध करायेगा.

यह सदस्‍य देशों को श्रम और रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने और इनसे जुड़ी जानकारियों को साझा करने में मददगार भी होगा. इसके माध्‍यम से अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र ब्रिक्‍स देशों के श्रम संस्‍थानों के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे. इनमें भारत का वीवी गिरि राष्‍ट्रीय श्रम संस्‍थान भी शामिल है.

इस नेटवर्क के जरिये युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने और रोजगार के नये प्रकार का पता लगाने के लिए अनुसंधान कार्यों पर विशेष जोर दिया जायेगा. इसके माध्‍यम से क्षमता विकास, सूचनाओं के आदान-प्रदान, वर्चुअल नेटवर्क और सीखने की नयी तकनीकों का पता लगाने में सहयोग को और मजबूत किया जा सकेगा.

ब्रिक्‍स का सामाजिक सुरक्षा सहयोग फ्रेमवर्क सदस्‍य देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा सहयोग को बढ़ायेगा और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े करारों को और बेहतर बनाने में सहयोग को मजबूती देगा.

उल्लेखनीय है कि ब्रिक्‍स देशों के रोजगार कार्य समूह की दूसरी बैठक 30 जुलाई से 1 अगस्‍त, 2018 तक और ब्रिक्‍स के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक 2 से 3 अगस्‍त, 2018 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित की गयी थी.

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