नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के मजबूत स्तंभ रहे आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने बुधवार को ट्वीट कर इस बात का ऐलान किया.
उन्होंने लिखा कि हर सफर का अंत होता है. आम आदमी पार्टी के साथ मेरा शानदार और क्रांतिकारी सफर आज खत्म हुआ. मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने लिखा कि ये फैसला मैंने निजी कारणों से लिया है. जिन्होंने मेरा समर्थन किया, उन सभी को धन्यवाद. इसके अलावा आशुतोष ने मीडिया को कहा कि वह इस फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.
आशुतोष नेइस इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताये हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने पार्टी में अनदेखी की वजह से यह कदम उठाया. आम चुनाव से महज आठ महीने पहले आशुतोष जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से जाना आप के लिए बड़ा झटका है.
कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए 2 की सरकार के खिलाफ अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में शुरू किये गये अन्ना आंदोलन के बाद शुरू हुई आम आदमी पार्टी (आप) से आशुतोष के अलावा, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, मयंक गांधी, शाजिया इल्मी और कुमार विश्वास भी संस्थापक सदस्यों में शामिल थे. इनमें कुमार विश्वास के अलावा इन सबने एक-एक कर आप छोड़ दी है.
कुमार विश्वास फिलहाल पार्टी में बने हुए हैं, लेकिन पूरी तरह निष्क्रिय हैं. वह अपने लेखों और कविताओंकेजरिये आप के नेतृत्व पर तंज कसते रहते हैं.
बहरहाल, ऐसा माना जारहा है कि प्रखर पत्रकार के रूप में मशहूर आशुतोष राजनीति को अलविदा कहने के बाद फिर से पत्रकारिता जगत में लौट सकते हैं.
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहनेवाले आशुतोष का जन्म वर्ष 1965 में वाराणसी में हुआ था. उनके पिता इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी थे.
आशुतोष ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की. उसके बाद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से उन्होंने दर्शनशास्त्र में परास्नातक की डिग्री हासिल की और इसके बाद सोवियत स्टडीज में एमफिल किया.
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता में जगी. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘आज तक’ न्यूज चैनल के साथ की.
लगभग एक दशक तक ‘आज तक’ के साथ रहे आशुतोष ने इस दौरान एंकरिंग सहित कई भूमिकाएं निभायीं. इसके बाद उन्होंने आईबीएन 7 और टीवी 18 समूह के साथ भी लंबे समय तक काम किया.
अन्ना आंदोलन पर ’13 डेज दैट अवेकेंड इंडिया’ नामक किताब लिख चुके आशुतोष ने साल 2014 में पत्रकारिता को अलविदा कह दिया और राजनीतिसेजुड़े.
आम आदमी पार्टी के टिकट पर चांदनीचौक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के बाद पार्टी में उन्होंने प्रवक्ता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभायी. आप की ओर से उन्हें राज्यसभा भेजे जाने के कयास लगाये जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनके नाम पर विचार नहीं किया. इसके बाद से ही आशुतोष नाराज बताये जा रहे थे.
