अजीत और दीया बजाज बने Mount Everest फतह करने वाले पहले भारतीय पिता-पुत्री

नयी दिल्ली : माउंट एवरेस्ट दुनियाभर के पर्वतारोहियों के लिए रहस्य का विषय बना हुआ है. इसके साथ ही, दुनिया के सबसे ऊंचे इस पर्वत शिखर को फतह करने की ललक प्राय: रह पर्वतारोहियों में होती है. इसी सिलसिले में गुड़गांव में रहने वाले अजीत बजाज और दीया बजाज बुधवार को दुनिया के सबसे ऊंचे […]

नयी दिल्ली : माउंट एवरेस्ट दुनियाभर के पर्वतारोहियों के लिए रहस्य का विषय बना हुआ है. इसके साथ ही, दुनिया के सबसे ऊंचे इस पर्वत शिखर को फतह करने की ललक प्राय: रह पर्वतारोहियों में होती है. इसी सिलसिले में गुड़गांव में रहने वाले अजीत बजाज और दीया बजाज बुधवार को दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाले पहले भारतीय पिता-पुत्री बन गये.

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24 वर्षीय दीया तड़के साढ़े चार बजे पर्वत शिखर पर पहुंची, जबकि उनके पिता इसके 15 मिनट बाद एवरेस्ट को छूने में सफल रहे. अजीत और दिया ने 16 अप्रैल को अपना अभियान शुरू किया था. अजीत की पत्नी शर्ली बजाज ने बुधवार सुबह साढ़े दस बजे दोनों से बात की. इसके बाद उन्होंने कहा कि अजीत और दीया दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर पर पहुंचने का अभियान पूरा कर बहुत खुश हैं.

शर्ली ने कहा कि वे साफ तौर पर उत्साहित और खुश थे. दीया ने कहा कि उन्होंने एवरेस्ट से सूर्योदय होते देखा और वह एक खूबसूरत अनुभव था. उन्होंने कहा कि अजीत के लिए यह उपलब्धि और भी खास है, क्योंकि इस बार वह अपनी बेटी के साथ गये हैं. 53 वर्षीय अजीत पद्मश्री से सम्मानित किये जा चुके हैं. वह 2006-2007 में एक साल के भीतर उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव जाने वाले पहले भारतीय बन गये थे. पिता-पुत्री के 20 मई को गुड़गांव लौटने की उम्मीद है.

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