प्रदूषण की बढ़ती समस्या पर SC ने जतायी चिंता, केंद्र से कहा, कम से कम दिल्ली में तो स्वच्छ वायु उपलब्ध करायें

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र को निर्देश दिया कि देश में पेट कोक के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बारे में 30 जून तक वह निर्णय ले. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने सरकार से कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम पहले दिल्ली में लागू करने पर […]


नयी दिल्ली
: सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र को निर्देश दिया कि देश में पेट कोक के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बारे में 30 जून तक वह निर्णय ले. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने सरकार से कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम पहले दिल्ली में लागू करने पर विचार किया जाये क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी की जनता प्रदूषण से बेहाल है. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सौ शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या से निबटना है.

पीठ ने अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से कहा , ‘ आपके ( केंद्र ) पास अनेक कार्यक्रम हैं परंतु आप इन्हें लागू नहीं कर सकते. आप दिल्ली में तो कार्यक्रम लागू नहीं कर सके और बात पूरे भारत की समस्या से निबटने की कर रहे हैं. कम से कम इसे पहले दिल्ली में ही लागू करें.’ पीठ ने कहा , ‘ दिल्ली में हम प्रदूषण की समस्या से सालों से जूझ रहे हैं. आप राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम कम से कम यहां तो लागू कीजिये.’ न्यायालय राजधानी और एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर पर्यावरणविद अधिवक्ता महेश चंद्र मेहता की 1985 में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से नाडकर्णी ने कहा कि दिल्ली – एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या से पूरी तरह निबटने के लिए विस्तृत कार्य योजना चार सप्ताह के भीतर अधिसूचित की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस विस्तृत कार्य योजना के कुछ हिस्सों को पहले ही दिल्ली – एनसीआर में लागू किया जा चुका है. इस पर पीठ ने नाडकर्णी से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या से निबटने की यह कार्य योजना सिर्फ अधिसूचित होकर ही नहीं रह जाये बल्कि इस पर सही तरीके से अमल भी हो. न्यायालय इस मामले में अब जुलाई में आगे विचार करेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >