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गौरतलब है कि कल मुख्यमंत्री ने कहा था किमस्जिदों, ईदगाहों और निजी स्थानों पर ही नमाज अदा की जानी चाहिए. गुड़गांव में कई जगहों पर नमाज अदा करने के दौरान दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा कथित तौर पर बाधा पहुंचाने की घटनाओं के बाद उनकी यह टिप्पणी आयी है. साथ ही, खट्टर ने यह भी कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि कानून व्यवस्था बनी रहे.
गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों से दक्षिणपंथी संगठन गुड़गांव में जुमे की नमाज को ‘बाधित ‘ करने की कोशिश करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि कुछ लोग जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं. खट्टर ने कहा, ‘हमारा मानना है कि नमाज मस्जिदों और ईदगाहों जैसे धार्मिक स्थलों के परिसरों के अंदर ही अदा की जानी चाहिए तथा जगह की कमी होने पर यह निजी स्थानों पर अदा की जाये.’ उन्होंने इस्राइल और ब्रिटेन के 10 दिन के दौरे पर रवाना होने से पहले यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह कहा.
पुलिस ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में वजीराबाद, अतुल कटारिया चौक, साइबर पार्क, बख्तावर चौक और साउथ सिटी इलाकों में नमाज को ‘बाधित’ किया गया. उन्होंने बताया कि इसमें कथित रूप से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू क्रांति दल, गौरक्षक दल और शिवसेना के सदस्य शामिल थे. यह पूछे जाने पर कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार की क्या रणनीति होगी, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था बनाये रखना हमारी जिम्मेदारी है और हम वह करेंगे. हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सौहार्द बना रहे और कोई तनाव ना हो और हमने अपने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है.’
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा की जाने की घटनाएं ‘बढ़ रही हैं’ और ‘‘जब तक कोई इस पर आपत्ति नहीं जताता, तब तक तो यह ठीक है लेकिन अगर किसी विभाग या व्यक्ति को इस पर आपत्ति होती है तो हमें विचार करना होगा.’ एक अधिकारिक बयान के मुताबिक बाद में विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली में कहा कि अगर किसी को भी सार्वजनिक जगहों पर किसी के नमाज अदा करने से कोई दिक्कत है तो वह प्रशासन एवं पुलिस को सूचित कर सकता है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके वक्तव्य में किसी को रोकने की कोई बात शामिल नहीं है. उन्होंने कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी प्रशासन एवं पुलिस की है और राज्य सरकार शांति बनाए रखने के लिए बाध्य है.’ चंडीगढ़ में संवाददाता सम्मेलन के दौरान खट्टर ने कहा कि सरकार मुद्दे पर करीबी नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि निर्धारित जगहों पर ही नमाज अदा की जाये, न कि सार्वजनिक इलाकों में.’ वहीं, दक्षिणपंथी संगठन कह रहे हैं कि प्रशासन ने अगर सार्वजनिक जगहों पर ‘अनधिकृत’ नमाज नहीं रोकी, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि नमाजियों को गुड़गांव में सड़क किनारे, उद्यानों और खाली सरकारी जमीनों पर नमाज अदा करने की इजाजत नहीं है.
