मशहूर हस्तियों ने उठाया सवाल, कुर्ता - पायजामा पहनने पर क्यों सहना पड़ता है अपमान ?

नयी दिल्ली : अगर आपको अपने ही देश में देशी पोशाक पहनने के लिए अपमानित होना पड़े, तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी ? दरअसल आज ट्वीटर में कई बड़ी हस्तियों ने खुलासा किया कि उन्हें अपने ड्रेस के लिए कई बार अपमानित होना पड़ा है. जाने – माने लेखक और पत्रकार हिंडोल सेनगुप्ता ने अपने […]

नयी दिल्ली : अगर आपको अपने ही देश में देशी पोशाक पहनने के लिए अपमानित होना पड़े, तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी ? दरअसल आज ट्वीटर में कई बड़ी हस्तियों ने खुलासा किया कि उन्हें अपने ड्रेस के लिए कई बार अपमानित होना पड़ा है. जाने – माने लेखक और पत्रकार हिंडोल सेनगुप्ता ने अपने निजी अनुभवों का जिक्र करते हुए इस बात का खुलासा किया तो कई अन्य लोगों ने भी निजी अनुभवों को सोशल मीडिया के जरिये शेयर करने लगे.

हिंडोल सेनगुप्ता ने ट्वीटर पर लिखा कि दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में कुर्ता – पायजमा पहनकर प्रवेश किया तो गार्ड ने उन्हें बाहर जाने को कहा. यही नहीं रेस्तरां के मैनेजर ने भी उन्हें बाहर जाने की सलाह दी और कहा कि हम ड्रेस कोड तोड़ना नहीं चाहते हैं. हिंडोल ने अपने इस अनुभव को लेकर ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख भी लिखा और सवाल उठाया कि सार्वजनिक जगहों पर देशी कपड़ों को हेय दृष्टि से क्यों देखा जाता है ?

हिंडोल के इस अनुभव को लेकर वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता, परांजय गुहा ठाकुरता और अभिनंदन सिकरी ने भी अपने अनुभव साझा किये. शेखर गुप्ता ने ट्वीटर पर लिखा कि बेंगलुरू में एक क्लब से उन्हें सिर्फ इसलिए बाहर निकाल दिया क्योंकि वह कुर्ता – पायजामा पहने थे.

प्रोफेसर योगेन्द्र यादव ने भी इस तरह के कई अनुभव साझा किये. उन्होंने लिखा कि कुछ साल पहले धौलकुआं स्थित आर्मी ऑफिसर के मेस में घुसने नहीं दिया गया क्योंकि मैं कुर्ता – पायजामा में था. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल डिफेन्स कॉलेज दिल्ली पिछले पांच साल से लगातार जाते रहते हैं. लेकिन उनके साथ ऐसी कोई अपमानजनक घटना नहीं हुई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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