वडोदरा : हम में से कई लोग अपना कीमती सामान और जेवर इत्यादि को बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखते हैं. बैंक पर यह हमारा विश्वास ही है,जिसकेदम पर हम लॉकर में रखे कीमती सामानों की सुरक्षा को लेकर निश्चिंत रहते हैं. लेकिन आपका यह विश्वास कब टूट जाये, यह कहना मुश्किल है. ऐसा ही एक मामला गुजरात के वडोदरा में सामने आया है.
दरअसल, शहर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में खुद को एक एनआरआई के भाई बताकर चार लोगों ने कथित तौर पर उसका लॉकर खोलकर 12 लाख रुपये मूल्य के कीमती सामान निकाल लिये.
इसके लिए उन्होंने व्यक्ति के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और वसीयतनामे का इस्तेमाल किया. पुलिस ने इस मामले में बैंक के प्रबंधक और धोखाधड़ी में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस उपायुक्त मनीष सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी करने वालों ने इस साल जनवरी में कथित तौर पर इस वारदात को अंजाम दिया. फरवरी में एनआरआई व्यक्ति जब अपना लॉकर खोलने बैंक शाखा पहुंचा तो यह मामला प्रकाश में आया.
पुलिस ने बताया कि अनिवासी भारतीय (एनआरआई) ने पिछली बार अप्रैल, 2007 में अपने लॉकर का इस्तेमाल किया था.
