नयी दिल्ली : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत दौरे के दौरान भी अपनी खालिस्तान समर्थक रवैये को छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे. सात दिन के भारत दौरे में भी जस्टिन ट्रूडो विवादों में हैं. गुरुवार को दूतावास पर आयोजित डिनर पार्टी में एक ऐसे शख्स को बुलाया गया जिसे आतंकवादी घोषित किया गया है. भारत विरोधी रुख के लिए जिस संगठन को प्रतिबंधित किया गया हैद्व ट्रूडो की डिनर पार्टी में उसी संगठन का सदस्य भी पहुंचने वाला था.
प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय सिख युवा संघ में सक्रिय जसपाल अटवाल को भारत ने आतंकी घोषित किया है. अटवाल को आज रात दिल्ली में आयोजित ट्रूटो के डिनर पार्टी में आमंत्रित किया गया है. बताया जाता है कि जसपाल अटवाल ने जस्टिन ट्रूडो की पत्नी सोफी ट्रूडो से 20 फरवरी को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुलाकात की. उसने इस दौरान सोफी के साथ फोटो भी खिंचवाये थे.
आपको बता दें कि जसपाल अटवाल को 1986 में वैंकूवर द्वीप में पंजाब के मंत्री, मलकियत सिंह सिद्धू की हत्या के प्रयास में दोषी ठहराया गया था. 1986 की गोलीबारी के समय वह एक सिख अलगाववादी था जो कि खालिस्तान इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन में सक्रिय था. 1987 में अटवाल सहित तीन अन्य को मलकियत सिंह सिद्धू को मारने की कोशिश में दोषी ठहराया गया था.
हालांकि कनाडाई पीएमओ ने स्पष्ट किया है कि अटवाल के आमंत्रण को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पीएमओ प्रवक्ता एलेनोरो कैटेनारो ने कहा कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि उच्चायोग अटवाल के आमंत्रण को रद्द करने की प्रक्रिया में हैं.
