वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018 का बजट देश के सामने पेश कर दिया है. लेकिन जेटली के बजट ने अगर किसी का बंटाधार किया है, तो वह है वेतनभोगी आम आदमी. कम से कम सोशल मीडिया में चल रही नुक्ताचीनी से तो यही लगता है.
जेटली के बजट को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. किसी ने कहाकिमोदी सरकार ने इस बजट में देश के मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करनेवाले वेतनभोगी आम आदमी को माराहै.
किसी ने कहा कि इसबजट में मध्य वर्ग के लिए कुछनहीं है. उससे तरह-तरह के टैक्स और सेस वसूल करउच्च और निम्न वर्ग की झोली भरने का काम किया है.
एक यूजर ने लिखा है कि राष्ट्रपति, पीएम, राज्यपाल से लेकर सांसद तक सबकी सैलरी बढ़ेगी और इस बजट का नाम दिया गया है गरीबों का बजट.
आइए देखें सोशल मीडिया ने कैसे ली चुटकी…
https://twitter.com/RoflGandhi_/status/958979690852741121?ref_src=twsrc%5Etfw
https://twitter.com/theskindoctor13/status/958965943308349440?ref_src=twsrc%5Etfw
