भोपाल गैंगरेप कांड पर महिला एसपी की बेशर्म हंसी, बोली – सुन-सुन कर सिरदर्द हो गया
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भोपाल :भोपाल गैंगरेप कांड के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भले ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई आदेश दिया हो, लेकिन जिस जीआरपी थाने में पीड़िता की रिपोर्ट लिखी गयी उसकी एसपी का रवैया मानवता पर सवाल खड़े करता है. महिला एसपी अनिता मालवीय मीडिया के सवालों से […]
भोपाल :भोपाल गैंगरेप कांड के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भले ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई आदेश दिया हो, लेकिन जिस जीआरपी थाने में पीड़िता की रिपोर्ट लिखी गयी उसकी एसपी का रवैया मानवता पर सवाल खड़े करता है. महिला एसपी अनिता मालवीय मीडिया के सवालों से तंग हैं और हंसते हुए कहती हैं सुबह से सवालों के जवाब दे देकर सिरदर्द हो गया है. वह हंसते हुए बताती हैं कि वह दो-तीन थाने घूमकर आयी, जब हमारे पास आयी तो हमने रिपोर्ट लिखा. महिला के आचरण में संवेदना कहीं नजर ही नहीं आ रही है. एक महिला होते हुए भी वह एक महिला के साथ एक घृणित अपराध का विवरण हंस-हंसकर दे रही हैं जैसे उन्हें कोई चुटकला सुना दिया गया हो. एसपी अनिता मालवीय का यह वीडियो मीडिया में आ चुका है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है.
इधर आजभोपाल गैंगरेप पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जायेगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. मैंने इस मामले पर कल ही बैठक की है. इस घटना से मैं बहुत दुखी हूं. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. साथ ही जांच में जो लापरवाही बरती गयी है उसपर भी ध्यान दिया जायेगा.
गौरतलब है कि गत 31 अक्तूबर को कोचिंग क्लास से लौट रही 19 वर्षीय लड़की के साथ चार लोगों ने गैंगरेप किया था. लड़की रोज ट्रेन से आना-जाना करती थी. घटना हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास की है, लड़की ट्रेन पकड़ने के लिए कच्चे रास्ते से स्टेशन जा रही थी, तब नशे में खड़े आरोपियों ने उसे धर दबोचा और गैंगरेप किया. जब वह बेहोश हो गयी तो वे लोग उसे छोड़कर भाग गये. लेकिन घटना की शिकायत दर्ज करवाने में लड़की और उसके अभिभावकों को बहुत परेशानी हुई. घटना के सामने आने के बाद कल मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था.
पीड़िता की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने मेरी बेटी के साथ यह कुकर्म किया उसे चौराहे पर खड़ा कर गोली मार देना. हम यह चाहते हैं हमें यह हक मिले कि हम अपनी बेटी के दोषियों को सजा दें, लेकिन ऐसा हो नहीं पायेगा. उन्होंने मीडिया को बताया कि प्राथमिकी दर्ज कराने में भी उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ी. थानों के चक्कर काटती रही तब जाकर हमारी शिकायत दर्ज हुई. जीआरपी ने इतने सवाल किये जैसे हमने ही कोई अपराध किया हो. पीड़िता की मां खुद जीआरपी में सेवारत हैं.