केजरीवाल की चोरी गयी लक्की कार सड़क पर उतरने को तैयार

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी के लिए भाग्यशाली माने जाने वाली एक वैगन आर कार धन की कमी से जूझने के बाद अब फिर से सडक पर उतरने के लिए तैयार है. इस महीने की शुरुआत में चोरी हो जाने के दो दिन बाद मिल गयी इस कार के दो टायर बदल दिये गये […]

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी के लिए भाग्यशाली माने जाने वाली एक वैगन आर कार धन की कमी से जूझने के बाद अब फिर से सडक पर उतरने के लिए तैयार है. इस महीने की शुरुआत में चोरी हो जाने के दो दिन बाद मिल गयी इस कार के दो टायर बदल दिये गये हैं, एक नयी बैटरी लगाई गयी है और अंतत: इसमें नया इंजन नियंत्रण मॉड्यूल लगाया गया है.

चोरी जाने से पहले आप नेता वंदना सिंह इस कार का इस्तेमाल कर रही थीं. अब कार की बैटरी और दो टायर आप कार्यकर्ताओं के चंदे से लगाये गये हैं, वहीं इंजन कंट्रोल मॉड्यूल को खुद वंदना ने खरीदा है. उन्होंने इस सब को जुगाड़ करना बताया.

मिल गयी केजरीवाल की वैगनआर, बोले लोग- बच गये मोदी जी नहीं तो इस्तीफा मांगने ही वाला था केजू

आप के कार्यकर्ताओं के मुताबिक उनकी पार्टी के लिए यह हैचबैक कार केवल पहियों पर चलने वाला वाहन नहीं है और इसकी भावनात्मक कीमत भी हैं. मारुति की इस वैगन आर कार को 12 अक्तूबर को दिल्ली सचिवालय के बाहर से किसी ने चुरा लिया था. दो दिन बाद यह गाजियाबाद में मिली थी. चोरों ने इसकी बैटरी निकाल ली थी, नये टायरों की जगह पुराने लगा दिये और इसके पुर्जे भी बदल दिये.

अरविंद केजरीवाल की नीली वैगन-आर कार में मिली तलवार

वंदना ने कहा, आईपी इस्टेट थाने ने हमें 16 अक्तूबर को कार सौंपी. लेकिन हमें पता चला कि इसकी बैटरी चुरा ली गयी है और टायर बदल दिये गये हैं. हमें पार्टी दफ्तर से एक और वाहन लाकर कार को खींचकर ले जाना पड़ा. उन्होंने बताया कि इसके बाद कार को चालू करने की कवायद शुरू हुई. लेकिन पैसे की कमी बड़ी बाधा बन रही थी. जुगाड़ होने तक यह राउज एवेन्यू में पार्टी कार्यालय में खड़ी रही.
वंदना ने कहा कि बाद में कुछ जुगाड़ कर लिया गया. उन्होंने कहा कि कार का चोरी चले जाना उनके जीवन के सबसे दुखद दिनों में से था. मुझे कम से कम 100 फोन कॉल आये. वंदना ने कहा कि इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया.
जनवरी 2013 में एक पार्टी कार्यकर्ता ने नीले रंग की यह कार केजरीवाल को उपहार में दी थी और तब से यह आम आदमी की कार कहलाने लगी थी. केजरीवाल ने 2015 के विधानसभा चुनावों तक इसका इस्तेमाल किया. इसी दौरान केजरीवाल सत्ता में पहुंचे और कार को भाग्यशाली माना जाने लगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >