मुंबई : आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया को पाकिस्तान से दाऊद इब्राहिम की ओर से शनिवार को धमकी भरा फोन किया गया है. फोन पर आम आदमी की पूर्व नेता और सामाजिक कार्यकर्ता को फोन पर धमकी देते हुए यह कहा गया है कि वह भाजपा नेता और विधायक एकनाथ खड़से के खिलाफ दायर केस को वापस ले ले. पेशे से पैथोलॉजिस्ट अंजलि को यह फोन शुक्रवार की रात करीब 12:33 पर आया था.
आम आदमी की पूर्व नेता अंजलि का दावा है कि जिस समय उनके मोबाइल पर दाऊद का पाकिस्तान से फोन आया था, उनके फोन में लगे ट्रू कॉलर में इस बात का पता चल गया था कि वह फोन पाकिस्तान से आया है और फोन करने वाला दाऊद है. ट्रू कॉलर पर वह फोन दाऊद के नाम से ही सेव है. अंजलि दमानिया का यह दावा है कि उनके पास पाकिस्तान के दाऊद का आने वाला धमकी भरा यह फोन भाजपा नेता और विधायक एकनाथ खड़से के खिलाफ केस को वापस लेने के लिए ही आया था.
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इस बात की जानकारी को शेयर करते हुए कहा कि उन्हें शुक्रवार की रात करीब 12:33 बजे पाकिस्तान के नंबर से धमकी भरा कॉल आया था, जिसमें एकनाथ खड़गे के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने के लिए कहा गया है. फोन करने वाले ने केस वापस नहीं लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दिया है.
इसे भी पढ़ें : अंजलि दमानिया ने प्रशांत भूषण पर लगाया आरोप
उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान से दाऊद की ओर से धमकी भरे फोन आने की शिकायत उन्होंने मुंबई पुलिस से कर दी है. इसके साथ ही उन्होंने इसकी जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी दी है.
ट्विटर पर अंजली दमानिया ने एक स्क्रीन शॉट भी डाला है, जिसमें दिखाने की कोशिश की गयी है कि दमानिया को जिस नंबर से धमकी भरा कॉल आया था, वह नंबर ट्रू कॉलर पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नाम से सेव है.
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री और भाजपा नेता एकनाथ खड़से पर आपत्तजनिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था. दमानिया ने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर खडसे को गिरफ्तार करने की मांग की थी.
अंजलि दमानिया का आरोप है कि एकनाथ खड़से ने जन्मदिन के कार्यक्रम में उनको लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर जांच अभी चल रही है. दमानिया ने एकनाथ खड़गे के खिलाफ पीआईएल भी दायर किया था, जिसके बाद खड़से को मंत्री पद भी गंवानी पड़ी थी.
