Srinagar: जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपना वादा पूरा करने से कतरा रही है.
जंतर- मंतर होगा प्रदर्शन
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा हमारा संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने केंद्र सरकार को उसको वादा याद दिलाने के दिल्ली जाना चाहती है. सीएम ने कहापार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा शांति के साथ जंतर- मंतर प्रदर्शन किया जाएगा.
कब से शुरू हो रहा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला है और 12 अगस्त 2026 तक चलेगा,संसद का यह सत्र 23 दिन का होगा. इसमें कुल 18 बैठकें होंगी. इसी सत्र के पहले दिन ( 21 जुलाई) को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे.
सूप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राज्य दर्जा बहाली के दिए निर्देश
केंद्र सरकार की ओर से 2019 में अनुच्छेद 370 हटा दिया गया और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया.तब सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया गया.विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार कहा कि ‘उचित समय पर’ राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा. अब एनसी उसी वादे को याद दिलाएगी. उधर, सीएम उमर अब्दुल्ला का कहना है कि राज्य का दर्जा नहीं होने के चलते जम्मू-कश्मीर के लोगों को नौकरी, जमीन और प्रशासनिक फैसलों में नुकसान हो रहा है.
क्या है एनसी की रणनीति
नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे को सिर्फ संसद के बाहर ही नहीं, अंदर भी उठाएगी. पार्टी के सांसद मानसून सत्र में राज्य का दर्जा बहाली पर चर्चा की मांग करेंगे. उमर अब्दुल्ला ने बाकी विपक्षी दलों से भी इस मुद्दे पर साथ आने की अपील की है. विधानसभा चुनाव में एनसी-कांग्रेस गठबंधन को जीत मिली, नेशनल कॉन्फ्रेंस का ‘राज्य का दर्जा’ सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा था. अब सरकार बनने के बाद पार्टी सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है. दिल्ली में होने वाले इस प्रदर्शन पर पूरे देश की नजर रहेगी.
